संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। नगर निगम की चारों दिशाओं में लगती सीमा पर बनने वाले स्वागत द्वार के मुद्दे पर अफसरों को फजीहत का सामना करना पड़ सकता है। स्वागत द्वार बनाने का प्रस्ताव शहर की पिछली सरकार के कार्यकाल में वर्ष 2019 का मंजूर है, पर छह वर्षों में एक भी स्वागत द्वार नहीं बना। मेयर सुमन बहमनी ने 12 जून की सदन बैठक के एजेंडे में स्थिति जानने के लिए प्रस्ताव दिया है।
वर्ष-2019 में नगर निगम की सदन बैठक में रादौर-यमुनानगर मार्ग पर दामला व पांसरा और जगाधरी-पांवटा मार्ग पर कैल व मानकपुर समीप स्वागत द्वार बनाने का प्रस्ताव पास हुआ था। यह महर्षि वाल्मीकि, गुरु रविदास, गुरु गोबिंद सिंह व यमुना मईया के नाम से प्रस्तावित हैं। डिजाइन व बजट मंजूरी के बाद ई-निविदा प्रक्रिया बाद भी चार में से एक ही स्वागत द्वार का पांसरा समीप काम शुरू हुआ। यहां दोनों ओर अधूरे पिलर बनाने के बाद निर्माण रुक गया। अन्य तीन स्वागत द्वार का तो काम ही नहीं लग पाया।
पूर्व पार्षद रामआसरा भारद्वाज, विनोद मरवाह, निर्मल चौहान ने कहा कि स्वागत द्वार छह वर्षों में भी नहीं बने। इसके लिए नगर निगम अफसर जिम्मेदार हैं। परियोजना का प्रस्ताव शहर की पिछली सरकार के कार्यकाल में वर्ष-2019 में मंजूर होने पर ई-निविदाएं लगा दी गईं, पर उससे पहले काम के बीच आने वाली न अड़चने दूर की और न औपचारिकताएं पूरी