शहर की कॉलोनियों को अवैध बताकर उनमें काम नहीं कराने का मामला शुक्रवार को जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में खूब गूंजा। कष्ट निवारण समिति बैठक की अध्यक्षता कर रही महिला एवं बाल विकास विभाग की मंत्री कमलेश ढांडा के सामने ने न केवल फरियादियों बल्कि सत्ता पक्ष से जुड़े लोगों ने भी नगर निगम अधिकारियों को आड़े हाथों लिया।
कष्ट निवारण समिति के सदस्य राकेश त्यागी ने तो मंत्री को यहां तक कह दिया जब से नगर निगम बना है, तब से यमुनानगर शहर की परेशानी बढ़ गई है। लोगों के नक्शे पास हैं, उनके पास घर की रजिस्टरी भी है, फिर भी उनकी कॉलोनियों को अवैध बताया जा रहा है। इतने सालों से गोबिंदपुरा बसा हुआ है जिसमें शत प्रतिशत आबादी है, वह भी अब तक अवैध एरिया बना हुआ है।
समिति सदस्य व पूर्व सीनियर डिप्टी मेयर पवन बिट्टू ने कहा कि तेजली रोड पर कालिंदी कॉलोनी जिसमें 80 प्रतिशत में आबादी है। वह शहर के बीच में है, उसे अब तक वैध नहीं किया गया, जबकि इसके आसपास की दूसरी कॉलोनियां जिनमें कोई रहता भी नहीं उन्हें वैध कर दिया गया, यह हो क्या रहा है। इसके बाद समिति सदस्य जगदीश बब्बर भी उठ कर आगे आए। उन्होंने कॉलोनियों के वैध करने के तरीके पर ही सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एक-दो गली को छोड़ कर सारी कॉलोनी को वैध कर दें। फिर लोग उन दो गलियों को वैध कराने के लिए धक्के खाते फिरते हैं। लोग परेशान हो गए हैं। यमुनानगर विधायक घनश्याम दास अरोड़ा ने भी इस पर चिंता जताते हुए कहा कि जिस कॉलोनी में आबादी बसी है, उसे छोड़ कर दूसरी कॉलोनियों को वैध कर दिया जाए, यह गलत है। इसकी जांच होनी चाहिए। इस पर संज्ञान लेते हुए मंत्री कमलेश ढांडा ने जांच के लिए एक कमेटी बनाने को कहा। इस कमेटी में नगर निगम के पार्षदों के अलावा शहरी क्षेत्र में आने वाले कष्ट निवारण समिति के सदस्यों को भी शामिल किया जाएगा। यह कमेटी रिपोर्ट देगी कि वैध-अवैध करने में कहां पर लापरवाही हुई है।
दरअसल, सुंदर विहार कांसापुर के राजकुमार ने कष्ट निवारण समिति की बैठक में अपना परिवाद रखते हुए शिकायत दी थी कि 25 वर्षों से सुंदर विहार कॉलोनी के साथ पक्षपात हो रहा है। अधिकारियों ने एक गली को छोड़ कर पूरी कॉलोनी को वैध कर दिया। बारिश होते ही कच्ची गली में पानी जमा हो जाता है। वहां बिजली निगम के पोल लगे हैं और सारे टैक्स भी दे रहे हैं। यदि कॉलोनी अवैध है तो अपने पोल, सीवरेज लाइन सब उखाड़ लो।
राम नगर कांसापुर रोड में अपने नाना-नानी के घर रह रही निर्मत सैनी बैठक में कुरुक्षेत्र के गांव कैंथला में रहने वाले अपने पिता के खिलाफ शिकायत लेकर पहुंची। निर्मत ने मंत्री को बताया कि उसके पिता फौज में थे। पिता का मां के साथ झगड़ा रहता था। फौज से सेवानिवृत्त होने के बाद पिता ने मां, उसे व भाई को घर से निकाल दिया। वह पढ़ना चाहती है लेकिन पिता उसके असल दस्तावेज, लैपटॉप, किताबें नहीं दे रहा। बिना दस्तावेजों के वह कॉलेज में दाखिला तक नहीं ले पा रही। यहां तक की उसके भाई का एक साल बर्बाद हो गया है। इसलिए पुलिस उसके व भाई के दस्तावेजों को पिता के पास से उन्हें दिलाए। डीएसपी राजीव ने इस मामले में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए कहा कि शिकायतकर्ता की मां ने अपने पति कुलविंद्र सिंह के खिलाफ दहेज उत्पीड़न व जान से मारने की धमकी देने का केस दर्ज कराया है। आरोपी को पांच जून को पेश होने का नोटिस दिया गया है। यदि वह पेश नहीं होते तो आगामी कार्रवाई की जाएगी। दस्तावेजों के अभाव में भाई-बहन की पढ़ाई प्रभावित नहीं होने दी जाएगी।