संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। बारिश का पानी गड्ढों व खाली प्लाटों में भरने से इनमें मच्छर का लारवा तेजी से पनपने लगा है। दो दिन में ही करीब 150 घरों में डेंगू मच्छर का लारवा मिल चुका है। इतना ही नहीं पंजेटो गांव में 13 वर्षीय किशाेर मलेरिया की चपेट में आया है। इससे पहले जिले में डेंगू के तीन व चिकनगुनिया के दो केस मिल चुके हैं।
माना जा रहा है कि इस माह के अंत तक डेंगू व चिकनगुनिया के केस में और वृद्धि होने लगेगी। क्योंकि तब तक लारवा से निकला मच्छर खुद भी लोगों को काटने के लिए सक्षम हो जाएगा। 13 वर्षीय किशोर का की ट्रेवल हिस्ट्री खंगालने पर पता चला है कि वह पिछले दिनों उत्तर प्रदेश के सीतापुर गांव में गया था। वहां पर किशोर के परिजन रहते हैं।
ऐसे में स्वास्थ्य विभाग अधिकारी मान कर चल रहे हैं कि किशाेर को मलेरिया का मच्छर सीतापुर में ही काटा हो गया। इसके बाद वह यमुनानगर में आ गया। क्योंकि उसका उपचार यहां पर चल रहा है, इसलिए यह केस भी जिले का ही माना जाएगा। मलेरिया का केस सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने किशोर के परिजनों व आसपास के लोगों के रक्त के नमूने लिए हैं। वहीं इस बारे में उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग को भी सूचना दी गई है।
जिले में अब तक 50826 लोगों के रक्त के नमूने मलेरिया की जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग ले चुका है। डेंगू की जांच के लिए 3999 सैंपल लिए जा चुके हैं। शहर व ग्रामीण क्षेत्र में लोगों के घरों में डेंगू के लारवा की जांच के लिए जिला मलेरिया विभाग ने 40 ब्रीडिंग चेकर रखे हुए हैं। यह चेकर हर घर में जाकर पानी की टंकी, खाली बर्तनों, टायर व गमलों में भरे पानी में लारवा की जांच करते हैं। एक दिन पहले ही 68 घरों में मच्छरों का लारवा मिला था। लारवा मिलने पर सभी लोगों को नोटिस दिए गए। अब तक 1810 लोगों को लारवा मिलने पर नोटिस दिया जा चुका है।
बारिश के बाद सतर्क रहने की जरूरत : डॉ. सुशीला
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. सुशीला सैनी ने बताया कि बारिश के बाद काफी अलर्ट रहने की जरूरत होती है। जलभराव सेमच्छर का लारवा पनपने लगता है। मलेरिया का एक केस पंजेटो गांव में मिला है। हालांकि उसकी ट्रेवल हिस्ट्री बाहर की है। लारवा की जांच के लिए ब्रीडिंग चेकर कर रहे हैं।
नौ साल में डेंगू व मलेरिया के केस
साल डेंगू मलेरिया
2016 65 508
2017 70 266
2018 42 97
2019 51 21
2020 36 03
2021 241 04
2022 932 01
2023 735 01
2024 03 01