साढौरा। क्षेत्र के गांव सिंहपुरा के दिहाड़ीदार मजदूर सुभाष के परिवार को न तो राशन मिल रहा है और न ही गरीबों की तरह मिलने वाली अन्य सुविधाएं। जब इस संबंध में सुभाष ने अपने परिवार पहचान पत्र का डाटा निकलवाया तो वह चौंक गया।
दरअसल, इस डाटा में उसकी पत्नी गुरदेवी के नाम पर बिजली के चार कनेक्शन दिखाए गए हैं। साथ ही उसकी बेटी शगुन के नाम पर तीन कनेक्शन दिखाए गए हैं, जबकि गुरदेवी के नाम वास्तव में जो बिजली कनेक्शन है उसका डाटा पीपीपी में दिखाया ही नहीं गया। चौंकाने वाली बात यह है कि गुरदेवी के नाम से दिखाए सभी कनेक्शन मुस्तफाबाद सब डिवीजन के हैं, जबकि बेटी के नाम वाले कनेक्शन साढौरा सब डिवीजन के हैं। अब इस डाटा को ठीक करवाने के लिए सुभाष को बिजली निगम के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
सुभाष ने बताया कि बिजली के सात कनेक्शन गलती से उसके परिवार के नाम दिखाए जाने के कारण ही बिजली की वार्षिक खपत नौ हजार से अधिक होने से उसके परिवार को बीपीएल की सुविधाओं से वंचित कर दिया गया। जबकि उसे पिछले दिनों मिला बिल केवल 596 रुपये का ही है। इस तरह बिजली निगम की गलती का खामियाजा उसके परिवार को भुगतना पड़ रहा है।
सुभाष ने बताया कि उसके परिवार में वह, पत्नी, बेटा और दो बेटियां हैं। बड़ी बेटी ने अभी 12वीं कक्षा की परीक्षा दी है। छोटा बेटा और बेटी दोनों 10वीं में पढ़ते हैं। उसे पहले डिपो से राशन मिलता था, लेकिन वह भी बिना कोई कारण बताए बंद हो गया। फैमिली आईडी में इतनी बड़ी गलती कर दी है कि उसे ठीक कराने के लिए मशक्कत करनी पड़ रही है। समस्या है कि अब वह मजदूरी करे या फिर इस गलती को ठीक करवाता फिरे।
गलती को सुधारा जाएगा : विकास बंसल
बिजली निगम साढौरा के एसडीओ विकास बंसल ने बताया कि पीपीपी के साथ डाटा अपलोड करने में हुई किसी गलती के कारण ऐसा हुआ है। सुभाष की एप्लीकेशन पर इसे सुधार दिया जाएगा।