दड़वा डेयरी कांप्लेक्स में जमा पानी। आर्काइव
यमुनानगर। नगर निगम ने दड़वा स्थित डेयरी कांप्लेक्स से निकलने वाले गोबरयुक्त पानी की समस्या के समाधान के लिए डेयरी कांप्लेक्स में एसटीपी (सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट) लगाने की योजना तैयार की है। इस संबंध में नगर निगम की ओर से जनस्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखकर सहयोग मांगा गया है। पत्र के माध्यम से विभाग से अनुरोध किया गया है कि प्रस्तावित एसटीपी स्थल पर पानी के नमूने लेकर उनकी जांच कराई जाए, ताकि तकनीकी आधार पर आगे की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके।
जानकारी के अनुसार दड़वा डेयरी कांप्लेक्स से रोजाना भारी मात्रा में गोबरयुक्त पानी निकलता है। इस दूषित पानी को नगर निगम की ओर से बिना ट्रीटमेंट के नालियों में बहा दिया जाता है, जिससे आसपास के क्षेत्रों में बदबू, गंदगी और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात के दिनों में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जब नालियों का पानी ओवरफ्लो होकर सड़कों और घरों के आसपास फैल जाता है।
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, डेयरी कांप्लेक्स में एसटीपी स्थापित होने से गोबरयुक्त पानी का वैज्ञानिक तरीके से शोधन किया जा सकेगा। इससे न केवल पर्यावरण को होने वाले नुकसान पर रोक लगेगी, बल्कि नालियों और जल स्रोतों में गंदा पानी जाने की समस्या से भी राहत मिलेगी। फिलहाल जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रस्तावित स्थल से पानी के सैंपल लेकर उनकी गुणवत्ता की जांच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर एसटीपी की क्षमता, डिजाइन और लागत को अंतिम रूप दिया जाएगा।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि एसटीपी समय रहते स्थापित हो जाता है तो दड़वा और आसपास के इलाकों में स्वच्छता की स्थिति में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा। लोगों ने मांग की है कि इस योजना को केवल कागजों तक सीमित न रखा जाए, बल्कि तय समय सीमा में धरातल पर उतारा जाए।
दड़वा डेयरी कांप्लेक्स के गंदे पानी से जल्द ही वहां के लोगों को मुक्ति मिल जाएगी। इस दिशा में तेजी से कार्य चल रहा है।
-सुमन बहमनी, मेयर, यमुनानगर।