संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। शहर में लगे सैकड़ों पंड़ालों सहित मंदिरों व घरों में स्थापित गणपति मूर्तियां लेकर हजारों श्रद्धालु मंगलवार को पश्चिमी यमुना नहर किनारे व घाटों पर पहुंचेंगे। ज्यादा भीड़ हर वर्ष की तरह चिट्टा मंदिर से बाडी माजरा पुल तक रहेगी। यहां गणपति विसर्जन से एक दिन पहले भी नहर तक पहुंचने के रास्ते कीचड़ और घाट व किनारे घास-झाड़ से अटे हैं। इसका खामियाजा श्रद्धालुओं को भुगतना पड़ सकता है।
गणपति विसर्जन के लिए सबसे ज्यादा लोगों की भीड़ पश्चिमी यमुना नहर के घाट व किनारों पर चिट्टा मंदिर से बाडी माजरा पुल तक रहती है। यहां सुबह से देर शाम तक करीब 50 हजार लोग अलग-अलग टोलियों में गणपति की मूर्तियों के विसर्जन के लिए पहुंचते हैं। हर साल गणपति विसर्जन से पहले नगर निगम व सिंचाई विभाग पश्चिमी यमुना नहर की पटरी के रास्ते मिट्टी गिराकर समतल करने से लेकर यमुना किनारे से घास व झाड़ सहित गंदगी साफ कराते हैं।
इस बार अभी तक ऐसा नहीं किया गया। हालात ये हैं कि चिट्टा मंदिर से बाडी माजरा पुल तक नहर की पटरी के कच्चे रास्ते उबड़-खाबड़ हो चुके हैं, जिस पर बारिश के जलभराव से जगह-जगह कीचड़ हो गया है। साथ ही पटरी के रास्ते कई जगह मलबा गिराया गया, पर उसे समतल नहीं किया गया। इससे यहां आवाजाही बाधित हो रही है। इसके अलावा नहर के किनारे व घाट समीप कई फीट घास-झाड़ व कचरे के ढेर लगे हैं।
गणपति विसर्जन के लिए हजारों लोग चून्ना भट्टी रोड, दशमेश कॉलोनी, यमुना विहार, आजाद नगर नाले वाले रोड से नहर के घाट व किनारे पहुंचते हैं। इन सभी कॉलोनियों के रास्ते कीचड़ है। निवासियों के अनुसार शनिवार देर रात आई तेज बारिश के बाद से कॉलोनियों की गलियों में कीचड़ जमा है।
नगर निगम की ओर से दो दिन में न तो कॉलोनियों में और न ही नहरी की पटरी के रास्ते कीचड़ साफ कराया गया। दशमेश कॉलोनी, यमुना विहार कॉलोनी में गणपति पंडाल लगे हैं, जहां 14-15 सितंबर को संकीर्तन के कार्यक्रम कराने में भी आयोजकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। दशमेश कॉलोनी में आयोजकों ने खुद गली में कीचड़ साफ किया, तब कार्यक्रम हो पाया।
शहर के आनंद शर्मा, काका, लवली ने कहा कि मंगलवार को पंडालों से शोभायात्रा निकाल गणपति की मूर्तियों का यमुना नहर में विसर्जन करना है। नहर के घाट व किनारे पहुंचने के रास्तों पर कीचड़ जमा है। हर साल गणपति विसर्जन से पहले नगर निगम की ओर से नहर तक पहुंचे के रास्ते सफाई कराई जाती थी, पर इस बार इस ओर ध्यान नहीं दिया गया। मांग है कि मंगलवार सुबह तक पश्चिमी यमुना नहर तक पहुंचने के रास्तों और घाट व किनारों पर सफाई कराई जाए।
यमुना की पटरी व किनारे सफाई कराई जाएगी। इसके अलावा वहां जो भी जरूरी कार्य होंगे, वो कराए जाएंगे। इसके लिए संबंधित शाखा के अफसरों को निर्देश देंगे। - आयुष सिन्हा, आयुक्त, नगर निगम।