यमुनानगर। नगर निगम की ओर से विकास कार्यों के धड़ाधड़ टेंडर व उद्घाटन किए जा रहे हैं। इसमें पार्षदों की मांग और सदन में पास प्रस्ताव दोनों दरकिनार किए जा रहे हैं। आरोप है कि निगम अफसर न तो उद्घाटन के समय शिलापट्ट पर काम का पूरा ब्योरा लिखवा रहे हैं और न ही इससे पहले कामों के टेंडर करते समय उसकी प्रति पार्षदों को भेज रहे हैं। विपक्षी पार्षदों का यह भी आरोप है कि ठेकेदारों व निगम अफसरों की मिलीभगत के चलते निर्माण कार्यों में पारदर्शिता के नियम लागू नहीं किए जा रहे हैं।
कांग्रेस से वार्ड-तीन के पार्षद हरमीन कोहली, चार से देवेंद्र सिंह, पांच से विनय कांबोज, 13 से निर्मल चौहान और इनेलो से वार्ड-आठ के पार्षद विनोद मरवाह ने कहा कि हर टेंडर से पहले संबंधित वार्ड के पार्षद के पास उसकी प्रति भेजी जाए। यह प्रस्ताव सदन की पहली बैठक में पास हो चुका है, बावजूद इसके निगम अफसर टेंडर की प्रति पार्षदों को नहीं भेज रहे। पार्षदों को उनके वार्ड के टेंडर लगाने जाने का पता नहीं चलता। वर्क अलॉट के बाद वार्ड में काम लगने पर उसका पार्षदों को पता लगता है। ऐसे में टेंडर के नियम-शर्तों से लेकर काम में कमियों का बाद में पता लगता है और खामियाजा लोग भुगतते हैं। काम लगने पर पार्षद विरोध भी करते हैं तो कोई कार्रवाई नहीं हो पाती। यही कारण है कि निर्माण कार्य की लगातार शिकायतें हो रही हैं, जिसमें पार्षदों के अलावा आमजन भी गुणवत्ता पर सवाल उठा रहे हैं। पार्षदों का कहना है कि इस तरह की शिकायतों पर कार्रवाई के बजाय निगम अफसर मौन है। पार्षदों का आरोप है कि अफसर सदन की मांगों व पास किए प्रस्तावों को अहमियत नहीं दे रहे, तभी सदन में लाए निर्माण कार्यों में पारदर्शिता के नियम लागू नहीं किए जा रहे हैं।
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शिलापट्ट पर भी विकास कार्यों का अधूरा ब्योरा
पार्षदों को टेंडर की प्रति न भेजने के अलावा उद्घाटन के समय शिलापट्ट पर भी विकास कार्यों का पूरा ब्योरा नहीं लिखा जा रहा। सप्ताह भर में मेयर, एमएलए के साथ निगम अफसरों के साथ विभिन्न वार्डों में नई वैध कॉलोनियों के सड़कों व पाइप लाइन के काम के उद्घाटन हुए। जिनमें काम की लागत तो दी हैं, पर काम कहां होना है और किस मानक पर सामग्री इस्तेमाल होनी है। यह ब्यौरा नहीं है। इसी तरह अन्य वार्डों में अलग-अलग कामों के उद्घाटन के लगे शिलापट्ट पर कामों का पूरा ब्योरा नहीं लिखा गया है। जबकि सदन बैठक में पार्षद शिलापट्ट पर काम का पूरा ब्योरा दिए जाने की कई बार मांग कर चुके हैं। ।
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वर्जन
सदन की मांगों व पास किए प्रस्तावों को लागू कराने के लिए संबंधित निगम अफसरों को दिशा-निर्देश दे चुके हैं। इस बारे में बैठक लेकर कार्रवाई के निर्देश देंगे।- मदन चौहान, मेयर, नगर निगम।