संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। निजी स्कूलों की मनमानी खुलेआम चल रही है। निरीक्षण के दौरान सभी स्कूलों में खामियां मिल रही हैं। तमाम स्कूलों में निजी प्रकाशकों की महंगी किताबों से पढ़ाई हो रही है। पहले विभाग ने 12 स्कूलों को नोटिस दिया था। वहीं, अब इनकी संख्या 40 हो गई है।
इन स्कूलों को जिला शिक्षा अधिकारी, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी व खंड शिक्षा अधिकारी की टीम ने जांच के बाद नोटिस जारी किया है। अधिकारी जिस स्कूल में जा रहे हैं वहां उन्हें एनसीईआरटी की बजाए निजी प्रकाशकों की पुस्तकें दिखाई दे रही हैं।
इसे लेकर अभिभावक अधिकारियों के कार्यालय पर प्रदर्शन कर रहे हैं।स्कूलों की ओर से इसके लिए बहुत ही योजनाबद्ध तरीके से काम किया गया है। अधिकारियों को विद्यार्थियों के बैग खुलवाकर जांच करनी पड़ रही है। किसी स्कूल के बोर्ड पर फार्म-6, किताबों के सहित अन्य सार्वजनिक जानकारी उपलब्ध नहीं है। जबकि विभाग की ओर से यह अनिवार्य किया गया है।
अभी तक अधिकारी स्कूलों का निरीक्षण कर करीब 40 संस्थानों को नोटिस जारी कर चुके हैं। अभी तक किसी स्कूल पर कार्रवाई नहीं हुई है। विभाग ने जिन स्कूलों को नोटिस दिया था, उन्हें दो दिन में जवाब देना था, लेकिन स्कूलों को दो-दो सप्ताह हो गए हैं, लेकिन उत्तर नहीं दिया है।
दूसरी तरफ निदेशालय अधिकारियों को कार्रवाई का आदेश दे रहा है और जिला विभाग रिपोर्ट भेजकर कार्रवाई के आदेश मांग रहा है। निदेशालय से जिला और जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से निदेशालय कार्यालय में गेंद उछाल कर टाइम पास हो रहा है। कार्रवाई न होने से स्कूलों के हौसले बुलंद हैं।
जिले के तमाम स्कूलों में निजी प्रकाशकों की पुस्तकें, नाम प्रिंटिड नोटबुक व डायरी, फार्म-6 की अवमानना, पुस्तकों का विवरण न देना इत्यादि खामियां मिली हैं। इन खामियों के आधार पर संबंधी स्कूल की मान्यता स्थायी और अस्थायी रूप से रद्द करने के साथ जुर्माना लगाया जा सकता है।
निरीक्षण के दौरान जिन स्कूलों में खामियां और निजी प्रकाशकों की पुस्तकें मिली थीं, उनका स्पेशल केस बनाया गया है। पूरी रिपोर्ट निदेशालय को भेजी गई है। अभी स्कूलों की जांच जारी है। तीन दर्जन से ज्यादा स्कूलों को नोटिस दिया गया है। यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। निदेशालय के आदेशानुसार कार्रवाई की जाएगी। -अशोक राणा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी।
स्कूलों का निरीक्षण लगातार किया रहा है। इस दौरान जिन स्कूलों में खामियां मिल रही हैं, उन्हें नोटिस दिया जा रहा है। निरीक्षण की रिपोर्ट बनाकर निदेशालय भेजी गई है। निदेशालय की ओर से कार्रवाई के आदेश मांगे गए हैं। निदेशालय के आदेशानुसार कार्रवाई की जाएगी। -प्रेमलता, जिला शिक्षा अधिकारी।