यमुनानगर। वन विभाग की भूमि को लोग सालों से दबाए बैठे हैं, विभाग को इसके बारे में पता तक नहीं, लेकिन जब निशानदेही हुई तो विभाग की आंखें खुल गई। ऐसे में अब विभाग ने हाल ही में 29 जगहों से 239.48 एकड़ भूमि को कब्जाधारियों से कब्जा मुक्त कराया है। विभाग ने कब्जा मुक्त भूमि पर प्लांटेशन भी कर दिया है।
विभाग के आंकड़ों के मुताबिक सबसे ज्यादा भूमि गढ़ी विरान में 36.47 और खोल फतेहगढ़ 33.1 एकड़ भूमि दबी पड़ी थी। उसके बाद बनसंतुर 25 एकड़ भूमि पर कब्जा था। विभाग ने भूमि को अपने कब्जे में लेकर कंटीली तार लगानी शुरू कर दी। इस भूमि पर कब्जा धारी अलग-अलग प्रकार की फसल उगा रहे थे। जिसके बारे में विभाग को जानकारी तक नहीं थी।
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प्लांटेशन के साथ लगे चेतावनी बोर्ड
वन विभाग ने इस भूमि पर प्लांटेशन के साथ ही वहां चेतावनी बोर्ड भी लगा दिए हैं, जिस पर गाइडलाइन अंकित है। बता दें कब्जाधारियों को कई बार विभाग की तरफ से नोटिस भी भेजे गए थे। बावजूद इसके भूमि को खाली नहीं किया गया। इसके बाद विभाग को कानून का सहारा लेना पड़ा जिसके बाद अब भूमि कब्जा मुक्त हो पाई है।
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इन जगहों से कब्जा छुड़वाना बाकी
वहीं सुगह ट्यूबवेल चेनल, धौड़ंग ट्यूबवेल चेनल, दामला ट्यूबवेल चेनल, धोलरा ट्यूबवेल चेनल व पोटली ट्यूबवेल चेनल जगहों से कब्जा छुड़वाना बाकी है जिसकी विभाग तैयारी भी कर रहा है।
वर्जन
हमने अब तक लगभग 239.48 एकड़ भूमि को कब्जा मुक्त कराया है। इसके बाद वहां प्लांटेशन भी करवा दिया गया है। बकायदा चेतावनी बोर्ड भी लगा दिए गए। नियमानुसार सरकारी जमीन पर कब्जा करना कानूनन जुर्म है।
-सूरजभान, डीएफओ, वन विभाग।