यमुनानगर। निजी स्कूलों में ली जा रही फीस व वार्षिक शुल्क के एक बार फिर जांच के आदेश दे दिए गए हैं। इसकी जांच सरकारी स्कूल के प्राचार्यों को दी गई है। आदेश मिलने के बाद अधिकारी स्कूलों की जांच में जुट गए हैं। सोमवार को अधिकारियों ने कुछ स्कूलों का निरीक्षण किया, लेकिन अभी किसी ने अपनी रिपोर्ट नहीं दी है। हालांकि विभाग की ओर से जांच के लिए कोई समय सीमा नहीं रखी है।
विभाग ने यह आदेश 25 अप्रैल को भी जारी किए गए थे। उस समय विभाग ने अधिकारियों की बोर्ड परीक्षा ड्यूटी होने की बात कह कर आदेश स्थगित कर दिए थे। अब बोर्ड परीक्षाएं समाप्त हो गई हैं, जिसके बाद विभाग ने फिर से निजी स्कूलों की जांच के आदेश दिए हैं। आदेशों में पूर्व के ही स्कूलों के नाम शामिल है। बता दें कि इसके लिए जिले भर में अभिभावकों ने निजी स्कूलों के खिलाफ प्रदर्शन किया था। यही नहीं निजी स्कूलों की मनमानी के चलते अभिभावक सेवा मंच के बैनर तले लोगों ने अनशन भी किया था। अभिभावकों ने स्कूलों की मनमानी को लेकर शिक्षा मंत्री से भी शिकायत की थी। अभिभावकों के लगातार प्रदर्शन व आंदोलन के बाद निदेशालय की ओर से यह आदेश जारी किए गए थे। इस दौरान अधिकारी स्कूलों में ली जा रही फीस, फार्म छह के अनुसार फीस लेने, फीस वृद्धि, व्यवसायिक गतिविधियों, वार्षिक व विकास शुल्क लेने की जांच करेंगे। विभाग की ओर से जिले के 58 निजी स्कूल में जांच के लिए पत्र जारी किया है। इन 58 स्कूलों की जांच राजकीय स्कूलों के प्राचार्यों द्वारा की जाएगी।
वर्जन
स्कूलों की जांच के आदेश फिर से दिए गए हैं। अधिकारी इसी काम में जुटे हैं। जांच के बाद अधिकारी इसके लिए अपनी रिपोर्ट देंगे। रिपोर्ट के अनुसार कार्रवाई अमल में लगाई जाएगी। पहले बोर्ड परीक्षा में ड्यूटी के कारण स्थगित कर दिए गए थे।
सतपाल कौशिक, जिला शिक्षा अधिकारी।