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Yamuna Nagar News: पांच लाख में हुआ था परीक्षा देने का सौदा, तीन लाख लिए थे एडवांस

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फरीदाबाद में दूसरे की जगह एचसीएस की परीक्षा देते पकड़े गए संजय रितवाल को सीआईए वन की टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी संजय कैथल के गांव बाता का रहने वाला है। उसने अपने दो साथियों के साथ मिलकर पांच लाख रुपये में करनाल निवासी नीरज से उसकी परीक्षा देने का सौदा तय किया था। तीन लाख रुपये एडवांस में लिए थे। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी संजय ने वर्ष 2022 में यमुनानगर के डीएवी गर्ल्स कॉलेज में किसी अन्य की जगह भी परीक्षा दी थी। आरोपी को अदालत में पेश कर चार दिन के रिमांड पर लिया गया। उससे पूछताछ के बाद सीआईए वन की टीम ने कैथल के गांव बामनी निवासी सुनील व करनाल के कपिल नगर निवासी पवन कुमार को गिरफ्तार कर लिया। उन्हें बुधवार को अदालत में पेश किया जाएगा। आरोपी गिरोह बनाकर प्रतियोगी परीक्षाएं पास कराने के नाम पर युवाओं को जाल में फंसाते थे। परीक्षार्थी की जगह यह खुद परीक्षा देते। जिसके बदले में यह परीक्षार्थी से चार से पांच लाख रुपये में सौदा करते थे। कुछ पैसा पहले ले लेते थे। जबकि शेष पैसा परीक्षा पास होने के बाद देना तय होता था। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है।
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संजय फरीदाबाद के दिल्ली पब्लिक स्कूल में बायोमेट्रिक जांच के दौरान पकड़ा गया था। संजय रीतवाल ने पूछताछ में बताया कि सुनील व पवन कुमार ने उसकी जानकारी करनाल के गांव कैमला निवासी नीरज से करवाई थी। एचसीएस का पेपर देने के लिए नीरज से पांच लाख रुपये में बात तय हुई थी। सुनील ने तीन लाख रुपये एडवांस ले लिए थे और दो लाख रुपये परीक्षा देने के बाद देन तय हुए थे। एक-एक लाख रुपये उन तीनों ने आपस में बांट लिए थे। पूछताछ के दौरान यह भी पता चला कि यह एक संगठित गिरोह है जो ऐसे लड़कों से पैसे लेकर उनको अपने झांसे में फंसाकर उनसे पैसे ऐठते हैं। इन्होंने कई लड़कों से पैसे लेकर उनकी जगह पेपर दिये है। गिरोह से पूछताछ की जा रही है। पूछताछ में और आरोपी सामने आ सकते हैं।

सीआईए वन इंचार्ज केवल सिंह ने बताया कि फरीदाबाद में दूसरे की जगह परीक्षा देते पकड़े संजय रितवाल के मामले की जांच पुलिस अधीक्षक ने उन्हें सौपी। जिसके बाद टीम बनाकर संजय रितवाल को काबू किया गया। उससे पूछताछ के बाद सुनील व पवन कुमार को काबू किया गया। तीनों आरोपी आपस में दोस्त है। पैसे कमाने की चाह ने उन्हे ठगी के रास्ते पर ला दिया। आरोपी पवन डाकघर में पोस्टमैन के पद पर है। आरोपी संजय विद्यार्थियों को ट्यूशन पढ़ाने का काम करता है। पकड़े गए सुनील व पवन को बुधवार को अदालत में पेश कर रिमांड लिया जाएगा। तीनों आरोपी रुपये लेकर फर्जी परीक्षार्थी बनकर दूसरे की जगह पेपर देते थे। हालांकि इन्होंने जिन लड़कों से पैसे लेकर उनकी जगह पेपर दिए है। उनमें से केवल एक की ही परीक्षा पास हुई। बाकी कोई भी युवक परीक्षा में पास नहीं हुआ।
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पूछताछ में सामने आया कि संजय, सुनील व पवन तीनों दोस्त जल्दी पैसा कमाना चाहते थे। इसलिए उन्होंने परीक्षार्थियों के बदले परीक्षा देने का धंधा शुरू किया। अभी तक यह आरोपी 10-15 लोगों की परीक्षा दिलवा चुके हैं। हालांकि इनमें से वर्ष 2019 में एक युवक की जगह दी गई परीक्षा ही पास हो सकी। यह युवक परीक्षा पास होने के बावजूद अब इटली जाकर रहने लगा है। आरोपियों ने राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा में परीक्षाएं दी। एचसीएस से लेकर कोई भी अन्य प्रतियोगी परीक्षा हो। उसके नाम पर यह पैसा लेते थे। आरोपित संजय ट्यूशन पढ़ाता था। इसलिए वह आसानी से युवाओं को अपने जाल में फंसा लेता था।

सीआईए वन इंचार्ज केवल सिंह ने बताया कि आरोपी संजय को चार दिन के रिमांड पर लिया गया है। उसके दोनों साथियों को बुधवार को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा। आरोपियों से पूछताछ में गिरोह के बाकी सदस्यों का पता चलेगा।
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