शहर की एक काॅलोनी में जहरीला पदार्थ खाकर जान देने वाले दंपती के शवों का पोस्टमार्टम शनिवार को कराया गया। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के बाद कॉलोनी में ही ले जाया गया। जहां पर गमगीन माहौल में दोनों के परिजनों ने उनका अंतिम संस्कार कर दिया। वहीं परिजनों ने एक दूसरे पर किसी तरह की पुलिस कार्रवाई कराए जाने से साफ इंकार कर दिया। उधर मृतकों के बच्चे की हालत में सुधार होने पर उसे आईसीयू से सामान्य वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है।
35 वर्षीय व्यक्ति एक फैक्ट्री में बतौर सुपरवाइजर नौकरी करता था। उसकी वर्ष 2014 में शादी हुई थी। इस शादी से उनके पास चार वर्ष का बेटा है। दोनों के बीच कुछ समय तक सब कुछ ठीक रहा। बाद में उनके बीच झगड़ा होने लगा था। यह झगड़ा भी पत्नी के फोन पर किसी से बात करने को लेकर होता था। जिसमें वह अपने मायके भी चली गई थी। बाद में रिश्तेदारों के प्रयास से वह अपने मायके से आ जाती थी। शुक्रवार को पति घर पर था तो उसकी पत्नी बिना बताए कहीं चली गई थी। जिस पर उसने अपने बेटे को जहरीला पदार्थ पिलाकर खुद भी पी लिया। जब उनकी हालत बिगड़ने लगी तो पड़ोसी उन्हें जिला नागरिक अस्पताल में लेकर गए। जहां पर चिकित्सकों ने व्यक्ति को मृत बता दिया। कुछ देर बाद पत्नी भी वहां आ गई। उसने बेटे की हालत खराब देखी तो वह उसे पड़ोसी की एक्टिवा पर गाबा अस्पताल में लेकर गई। जहां उसे दाखिल करा दिया। इसके बाद उसे पता लगा कि पति की मौत हो चुकी है तो वह घर पर आई और घर पर बचा हुआ जहरीला पदार्थ निगल लिया। उसे भी तुरंत अस्पताल में लेकर गए। जहां उसे भी मृत घोषित कर दिया गया।
गांधीनगर थाना प्रभारी महरूफ अली ने बताया कि मामले में मृतका के भाई कुरुक्षेत्र के एक गांव निवासी राजबीर के बयान पर 174 की कार्रवाई की गई है।