संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। शहर में बरसात के दौरान जलभराव की समस्या से राहत दिलाने के लिए नगर निगम तीन आधुनिक जेटिंग मशीनें खरीदेगा। इसके लिए निगम प्रशासन ने निविदा प्रक्रिया शुरू कर दी है। मशीनों की खरीद का प्रस्ताव नगर निगम सदन में पार्षदों की सहमति से पारित किया गया था।
इन मशीनों के आने से भूमिगत नालों और सीवर लाइनों की सफाई तेज और अधिक प्रभावी ढंग से हो सकेगी। नगर निगम क्षेत्र में करीब 32 बड़े और मध्यम आकार के नाले हैं, जिनकी कुल लंबाई लगभग 58 किलोमीटर है।
इसके अलावा 340 छोटी ड्रेन हैं, जिनकी लंबाई करीब 134 किलोमीटर है। निगम बड़े नालों की सफाई पर लगभग 2.06 करोड़ रुपये तथा छोटी ड्रेन की सफाई पर करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये खर्च कर रहा है।
इसके बावजूद आधुनिक उपकरणों के अभाव में भूमिगत नालों की सफाई अपेक्षित गति से नहीं हो पा रही है। फिलहाल कई स्थानों पर सफाई कार्य मैनुअल तरीके से करना पड़ता है, जिससे अधिक समय लगता है और कई हिस्सों में प्रभावी सफाई नहीं हो पाती। तीन जेटिंग मशीनें उपलब्ध होने के बाद सफाई व्यवस्था में तेजी आएगी और बरसात के दौरान जल निकासी भी बेहतर होगी। शहर का प्रमुख नाला जगाधरी से निकलकर यमुनानगर की करीब एक दर्जन कॉलोनियों से गुजरते हुए पश्चिमी यमुना नहर के किनारे स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंचता है। इस नाले की समय पर सफाई नहीं होने से हर वर्ष आसपास के इलाकों में जलभराव की समस्या पैदा हो जाती है। जगाधरी के गौरी शंकर कॉलोनी मंदिर क्षेत्र, देवी भवन बाजार, श्मशान घाट रोड, सिविल लाइन, गांधी धाम और मटका चौक से बर्तन बाजार तक बारिश में सड़कें पानी से भर जाती हैं। वहीं यमुनानगर के प्रोफेसर कॉलोनी, स्वामी विवेकानंद स्कूल क्षेत्र, एफसीआई गोदाम, बस स्टैंड के पास लाजपत नगर सहित कई क्षेत्रों में नाले ओवरफ्लो होने से गंदा पानी घरों और दुकानों तक पहुंच जाता है।
ऐसे काम करती है जेटिंग मशीन
जेटिंग मशीन भूमिगत सीवर लाइन, ड्रेनेज पाइप और नालों की सफाई के लिए इस्तेमाल होने वाला आधुनिक उपकरण है। इसमें हाई प्रेशर पंप के जरिए पानी की तेज धार नालों और पाइपों के भीतर छोड़ी जाती है, जिससे वर्षों से जमी गाद, प्लास्टिक, मिट्टी और अन्य कचरा ढीला होकर बाहर निकल जाता है। इससे सफाई तेजी से होती है, कर्मचारियों को सीवर में उतरने की आवश्यकता कम पड़ती है।
तीन नई जेटिंग मशीन खरीदने के लिए निविदा लगा रखी है। पार्षदों ने सदन में सर्वसम्मति से नई जेटिंग मशीन खरीदने का प्रस्ताव पास किया था। जल्द ही मशीनें खरीद ली जाएंगी। इससे नालों की सफाई का कार्य आसान होगा।
-महाबीर प्रसाद, आयुक्त, नगर निगम।