संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। ऑनलाइन खरीदारी में गलत उत्पाद भेजने और शिकायत के बावजूद समाधान नहीं करने पर जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने वीएलई बाजार प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ फैसला सुनाया है। आयोग ने कंपनी को शिकायतकर्ता देवधर निवासी अजय कुमार को 4400 रुपये की कीमत ब्याज सहित लौटाने व मानसिक प्रताड़ना और मुकदमेबाजी खर्च के लिए 21 हजार रुपये देने के आदेश दिए हैं।
शिकायत के अनुसार अजय कुमार ने 15 दिसंबर 2025 को वीएलई बाजार की वेबसाइट से मैग्मा एयर कंप्रेशन लेग मसाजर का ऑर्डर किया था और ऑनलाइन माध्यम से 4400 रुपये का भुगतान किया। 20 दिसंबर को डिलीवरी मिलने पर पैकेट में पूरी तरह अलग उत्पाद निकला। इसके बाद उन्होंने कंपनी को कई ईमेल, फोटो और अन्य साक्ष्य भेजकर शिकायत दर्ज कराई।
कंपनी ने 40 दिन से अधिक समय तक कोई समाधान नहीं किया गया। शिकायतकर्ता ने कानूनी नोटिस भेजने के साथ राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन और केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण सीसीपीए से भी शिकायत की, फिर भी कंपनी ने न तो सही उत्पाद उपलब्ध कराया और न ही राशि लौटाई।
आयोग के समक्ष कंपनी पेश नहीं हुई, जिसके चलते उसके खिलाफ एकतरफा कार्रवाई की गई। उपलब्ध दस्तावेजों और साक्ष्यों के आधार पर आयोग ने माना कि कंपनी ने सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार किया है। आयोग ने आदेश दिया कि गलत उत्पाद वापस लेकर 4400 रुपये शिकायत दर्ज होने की तिथि से 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित लौटाए जाएं। साथ ही 21 हजार रुपये मानसिक पीड़ा और मुकदमेबाजी खर्च के रूप में दिए जाएं। आदेश का 45 दिन में पालन नहीं होने पर भुगतान की राशि पर 12 प्रतिशत साधारण ब्याज भी देना होगा।