संवाद न्यूज एजेंसी
व्यासपुर। क्षेत्र में जगाधरी मार्ग, साढौरा मार्ग, कपालमोचन-मछरौली मार्ग तथा लघु सचिवालय के समीप नियमों को ताक पर रखकर अवैध कॉलोनियां काटी जा रही हैं। कृषि योग्य भूमि को औने-पौने दामों में किसानों से खरीदकर उसे रिहायसी और व्यावसायिक प्लॉटों में तब्दील किया जा रहा है।
स्थानीय निवासी संजीव कुमार, संदीप कुमार, राम कुमार का कहना है कि जिला योजनाकार विभाग की ओर से की जाने वाली कार्यवाही केवल कागजी खानापूर्ति तक ही सीमित रह जाती है। कभी नोटिस जारी कर दिए जाते हैं तो कभी जुर्माना लगाकर मामला रफा-दफा कर दिया जाता है, लेकिन अवैध कॉलोनियों पर स्थायी रोक नहीं लगाई जा रही। जगाधरी मार्ग पर लघु सचिवालय के समीप कट रही अवैध काॅलोनी के मालिकों पर एफआईआर दर्ज की गई थी, लेकिन अब तक पुलिस प्रशासन व जिला योजनाकार विभाग की ओर से किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं की गई है। परिणाम स्वरूप कॉलोनी धारक बेखौफ होकर लगातार नई अवैध कॉलोनियां विकसित कर रहे हैं।
ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों का आरोप है कि इस पूरे खेल में कुछ स्थानीय प्रॉपर्टी डीलर भी शामिल हैं, जो कॉलोनी धारकों के साथ मिलकर नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ा रहे हैं।
पहले किसानों को कम दाम का लालच देकर उनकी उपजाऊ जमीन खरीदी जाती है, फिर बिना लेआउट प्लान, बिना सड़क, सीवरेज, जलनिकासी और बिजली के प्लॉट काट दिए जाते हैं। बाद में इन्हीं प्लॉटों को ऊंचे दामों पर आम लोगों को बेच दिया जाता है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि अवैध कॉलोनियों को तुरंत सील किया जाए।
व्यासपुर में अवैध कॉलोनी काटने वालों पर सख्त नजर रखी जाती हैं। जहां पर भी पता चलता हैस जिला योजनाकार विभाग के माध्यम से कार्रवाई अमल में लाई जाती है। -जसपाल सिंह गिल, एसडीएम, व्यासपुर।