संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। कृषि विभाग के उपनिदेशक कार्यालय में सीएम फ्लाइंग की दबिश दिए जाने के बाद एक के बाद एक नए राज सामने आ रहे हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि जिस कंपनी ने यमुनानगर में अपने मार्का का यूरिया भेजा ही नहीं वह भी तिरुपति ट्रेडर्स जगाधरी अनाज मंडी द्वारा बेचा गया।
तिरुपति ट्रेडर्स भिवानी निवासी उसी विशाल ग्रेवाल का गोदाम है, जिसके सैंपल कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के तत्कालीन उप निदेशक आत्मा राम गोदारा ने करनाल के बजाय फरीदाबाद लैब में भेज दिए थे। यमुनानगर में अपना यूरिया नहीं भेजे जाने की जानकारी खुद जीएनएफसी मार्का कंपनी के अधिकारियों ने कृषि विभाग द्वारा किए गए पत्राचार में की थी।
इसके बावजूद उप निदेशक ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। जो डीलर धोखाधड़ी के मामले में अंदर होना चाहिए था उपनिदेशक उस पर खूब मेहरबानी दिखा रहे थे। इसी साल 10 जनवरी को कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक डाॅ. प्रदीप मिल यूरिया तस्करी की शिकायत पर यमुनानगर में आए थे। उन्होंने तब विभाग के मार्केटिंग ऑफिसर डाॅ. राकेश पोरिया के साथ अंसार केमिकल एंड अलाइड प्रोडक्ट बूड़िया रोड जगाधरी व गर्ग प्लाईवुड इंडस्ट्री अमादलपुर रोड से टेक्निकल ग्रेड यूरिया के सैंपल लिए थे।
यूनाइटेड प्लाईवुड साबापुर रोड व गोल्ड लेमिनेट अमादलपुर रोड में टेक्निकल ग्रेड यूरिया के सैंपल लिए थे। वहां पर जीएनएफसी मार्का का टेक्निकल ग्रेड यूरिया मिला था। इनके सैंपल लिए गए। पत्राचार करने पर फैक्ट्री संचालकों ने बताया था कि उनके पास टेक्निकल ग्रेड यूरिया अधिकृत डीलर तिरुपति ट्रेडर्स जगाधरी अनाज मंडी से आया है।
जब कंपनी में पत्र भेजकर सप्लाई के बारे में पता किया गया तो जीएनएफसी की ओर से कहा कि उन्होंने इन तीनों फर्मों को या किसी अन्य अधिकृत डीलर के माध्यम से सप्लाई नहीं दी है। यह सैंपल तत्कालीन आत्मा राम गोदारा को 12 जनवरी को फरीदाबाद भिजवाए। जहां से वापस आ गए थे। जबकि यह सैंपल करनाल लैब में भेजे जाने थे।
दरअसल जब भी जिले में यूरिया की सप्लाई आती है तो उसके बनाने वाली फर्म से लेकर खरीदने वाले तक का रिकॉर्ड रखा जाता है। फर्म अपना यूरिया किस जिले में किस डीलर को देती है इसका पूरा हिसाब रखा जाता है। जब फर्म ने तिरुपति ट्रेडर्स जगाधरी अनाज मंडी को यूरिया दिया ही नहीं तो साफ है कि वह फर्म के बैग में भर कर कृषि योग्य यूरिया बेच रहा था।