संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले में ठंड का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। पिछले कुछ दिनों से तापमान में गिरावट के साथ-साथ धुंध और ठंडी हवा मौसम को और अधिक ठिठुरन भरा बना दिया है। ठंड के साथ वायु प्रदूषण का स्तर भी चिंता बढ़ा रहा है। शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स 216 माइक्रोग्राम दर्ज किया गया, जो खराब श्रेणी में आता है।
आमतौर पर लोगों को दिन के समय धूप से कुछ राहत मिल जाती थी। वहीं बादल छाने सूरज की किरणें धरती तक नहीं पहुंचीं। दिनभर बादल छाए रहने के कारण ठंड और ज्यादा महसूस की गई। धूप में खड़े होकर भी ठंड का एहसास कम नहीं हो रहा है। जिले में अधिकतम तापमान 22 डिग्री और न्यूनतम तापमान आठ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
ठंड और प्रदूषण बढ़ने के साथ आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट की संभावना जताई जा रही है, जिससे लोगों को फिलहाल किसी भी तरह राहत मिलने की उम्मीद कम ही दिखाई दे रही है।
वायु प्रदूषण से लोगों को सांस लेने में दिक्कत, आंखों में जलन और गले में खराश जैसी समस्याएं हो रही है। सुबह-शाम हो रही ठंड ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। शुक्रवार सुबह के समय छाई घनी धुंध से दृश्यता काफी कम रही, जिस कारण दोपहिया वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
कई स्थानों पर लोग गाड़ी की स्पीड बेहद धीमी रखकर ही सफर करते दिखे। कार्यालय, स्कूल, कॉलेज जाने वालों को ठंड व धुंध की दोहरी मार झेलनी पड़ी।
राजिंद्र, विपिन व रवि ने बताया कि सुबह की धुंध और दिनभर ठंडी हवा घरों में ही दुबकने को मजबूर करने लगी हैं। वहीं मजदूर वर्ग, रिक्शा चालक और अन्य दैनिक श्रमिक खुले में काम करने के कारण ज्यादा परेशान हैं। ठंड की वजह से बच्चों और बुजुर्गों में खांसी-जुकाम के मामले भी बढ़ रहे हैं।
डॉक्टर सचिन का कहना है कि लोग बाहर निकलते समय गर्म कपड़ों का उपयोग करें। सुबह के समय यात्रा से बचें और प्रदूषण से बचाव के लिए मास्क का प्रयोग करें। साथ ही शरीर को गर्म रखने के लिए हल्के गर्म पेय पदार्थ का सेवन करें। ठंड में बच्चों और बुजुर्गों से स्वास्थ्य पर विशेष दें।