संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। नगर निगम के सफाई कर्मचारियों की हड़ताल ने शहर की सूरत बिगाड़ दी है। पिछले चार दिनों से कूड़ा न उठने के कारण शहर में हालात बदतर होते जा रहे हैं। वहीं बारिश होने से कूड़े के ढेरों से दुर्गंध आने से लोग परेशान है।
कॉलोनियों, बाजारों और मुख्य सड़कों के किनारे कूड़े के बड़े-बड़े ढेर जमा हो गए हैं स्थिति यह है कि शहर के पॉश माने जाने वाला मॉडल टाउन क्षेत्र भी इस समस्या से अछूता नहीं है। यहां यमुनानगर विधायक घनश्याम दास अरोड़ा का आवास एवं कार्यालय, एसपी आवास, मेयर हाउस सहित कई सरकारी कार्यालय स्थित हैं, लेकिन इन क्षेत्रों में भी जगह-जगह कूड़ा फैला हुआ है।
इससे साफ जाहिर है कि हड़ताल का असर पूरे शहर पर समान रूप से पड़ा है। शहर से प्रतिदिन करीब 250 से 280 मीट्रिक टन कूड़ा उठाया जाता है। लेकिन हड़ताल के चलते पिछले चार दिनों से कचरा नहीं उठ पाया है। ऐसे में शहर में 1000 मीट्रिक टन से अधिक कूड़ा जमा हो चुका है, जो अब गंभीर समस्या का रूप लेता जा रहा है।
बारिश ने हालात को और भी बिगाड़ दिया है। गीला कूड़ा सड़ने लगा है, जिससे आसपास के इलाकों में तेज दुर्गंध फैल रही है। इसके साथ ही गीले कचरे पर मक्खियों का प्रकोप बढ़ गया है, जो बीमारियों को न्योता दे रहा है। लोगों का कहना है कि कूड़े के ढेरों के कारण घरों से निकलना भी मुश्किल हो गया है।
शहर निवासी राजीव, तिलक राज और हरीश ने बताया कि कॉलोनियों में हर थोड़ी दूरी पर कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। दुर्गंध के कारण वातावरण प्रदूषित हो गया है और बच्चों व बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर इसका बुरा असर पड़ रहा है। यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो हालात और गंभीर हो सकते हैं।
शहर में सफाई व्यवस्था ठप होने से न केवल जनजीवन प्रभावित हुआ है, बल्कि स्वास्थ्य संबंधी खतरे भी बढ़ गए हैं। गंदगी के कारण संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा है। ऐसे में शहरवासियों की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं। लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द हड़ताल खत्म कराकर सफाई व्यवस्था बहाल करने की मांग की है, ताकि शहर को इस गंदगी से राहत मिल सके।
एसपी आवास के पास पड़ा कचरा। संवाद
एसपी आवास के पास पड़ा कचरा। संवाद