संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। शहर में आपराधिक घटनाओं व यातायात नियम तोड़ने वालों पर अंकुश और निगरानी के लिए शहर के प्रमुख चौराहों पर लगवाए गए सीसीटीवी कैमरे खराब पड़े हैं। इसका मुख्य कारण यह है कि कैमरे ठीक करवाने के लिए पुलिस को प्रायोजक (स्पॉन्सर) नहीं मिल रहे हैं।
शहर की सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए पुलिस की ओर से मुख्य चौराहों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। सीसीटीवी लगाए एक दशक से ज्यादा समय हो चुका है। चौराहों पर सीसीटीवी शहर की नामी कंपनी की ओर से इंस्टॉल करवाए गए थे। कैमरे लगवाने का पुलिस का मुख्य उद्देश्य आपराधिक घटनाओं व यातायात नियम तोड़ने वालों पर अंकुश लगाना था।
लगने के कुछ समय तक सीसीटीवी ठीक काम करते रहे। रखरखाव के अभाव में यह धीरे-धीरे खराब होने लगे थे। करीब पांच-छह साल से चौराहों के सीसीटीवी खराब हैं। कैमरे ठीक करवाने के लिए पुलिस के पास कोई बजट नहीं है। ऐसे में स्पॉन्सर से कैमरे ठीक करवाने की योजना बनाई गई। पुलिस को इसके लिए स्पॉन्सर नहीं मिले।
शहर के महाराणा प्रताप चौक, शहीद भगत सिंह चौक, माता अहिल्याबाई चौक, महाराजा अग्रसेन चौक, जगाधरी बस स्टैंड स्थित डॉ. बीआर आंबेडकर चौक पर चार-चार सीसीटीवी कैमरे लगाए थे। खराब होने के बाद पुलिस ठीक करवाने के लिए विभिन्न संगठनों व सामाजिक संस्थाओं से बात की, परंतु किसी ने इसमें दिलचस्पी नहीं दिखाई।
कैमरे बंद होने से पुलिस को ऑनलाइन चालान में भी दिक्कत आती है। कैमरे से लाइट जंप इत्यादि नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों पर अंकुश लगाना आसान हो गया था। जब कैमरे काम कर रहे तब लोगों में इसका भय भी था और यातायात नियमों के पालन के स्तर में सुधार हुआ था। परंतु कैमरे खराब होने से लोग भी बेपरवाह हो गए हैं।
शहर के चौराहों पर लगे सीसीटीवी कैमरे खराब हो गए थे। ठीक करवाने के लिए स्पॉन्सर नहीं मिल रहे थे। अब सरकारी मद से कैमरे ठीक करवाए जाने हैं। इसके लिए बात चल रही है। शीघ्र ही सभी सीसीटीवी कैमरे ठीक करवा दिए जाएंगे। इस माह के अंत तक सभी कैमरे चालू हो जाएंगे।
-कुशल पाल राणा, प्रभारी थाना यातायात।