यमुनानगर। वृंदावन में शुक्रवार को हुए नाव हादसे में यमुना में डूबी साढौरा के असगरपुर गांव की मोनिका का शव सोमवार सुबह बंगाली घाट से मिल गया। वृंदावन प्रशासन ने पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजनों के हवाले कर दिया। उनके परिजनों ने नारायणगढ़ के खानपुर राजपुताना गांव में देर शाम को गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया।
चचेरे भाई संजीव ने बताया हादसे वाली जगह से 12 किलोमीटर दूर बंगाली घाट पर एक मछुआरे ने पानी में तैरते शव को देखकर प्रशासन को सूचित किया। इसके बाद बचाव दल ने रस्सी बांधकर शव को नाव में खींचा और बाहर निकाला। सूचना पर वहां पहुंचे मोनिका के परिजनों ने उसकी पहचान की। मोनिका के पति रजत के मंगलवार को आस्ट्रेलिया से भारत पहुंचने की संभावना है। चार दिन तक पानी में डूबे रहने से मोनिका का शव विक्षत हालत था। इसलिए परिजनों ने रजत के पहुंचने से पहले ही मोनिका का अंतिम संस्कार कर दिया।
तीन माह पहले लुधियाना में हुई थी शादी
23 साल की मोनिका की शादी तीन माह पहले लुधियाना के युवक रजत के साथ हुई थी। मोनिका 10 अप्रैल को वृंदावन में हुए नाव हादसे में यमुना नदी में डूब गई थी। मोनिका अपनी सास सविता के साथ हादसे का शिकार हुई नाव में सवार थी। नाव पलटने के बाद सविता को तो सकुशल बचा लिया गया लेकिन तीन दिन से जारी सर्च अभियान के बावजूद मोनिका का अभी तक पता नहीं चल पाया था। मोनिका का पति रजत इन दिनों आस्ट्रेलिया में है। वह अपनी सास व लुधियाना के अन्य श्रद्धालुओं के साथ वृंदावन गई थी। जहां वह 38 श्रद्धालु के साथ नाव पर सवार होकर यमुना का भ्रमण करने गई थी। इस दौरान केसी घाट और बंसीवट के बीच यह नाव एक पीपा पुल से टकरा कर पलट गई। बाद में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ ने गोताखोरों की मदद से चलाए गए सर्च अभियान के दौरान 13 श्रद्धालुओं के शव बरामद कर लिए थे लेकिन मोनिका सहित तीन श्रद्धालुओं का पता नहीं चला पाया था।