संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। विधानसभा चुनाव में वीरवार प्रचार का अंतिम दिन था। शाम पांच बजते ही चुनावी शोर पूरी तरह से थम गया। लेकिन इस बीच प्रत्याशियों ने पूरी ताकत तो झोंकी, साथ ही जनसभाओं के माध्यम से एक-दूसरे पर हमले भी बोले। इस प्रकार प्रत्याशियों ने अपने पक्ष में माहौल बनाने का प्रयास किया।
पांच सितंबर से 12 सितंबर तक नामांकन की प्रक्रिया हुई थी। इसके बाद जिले के चारों विधानसभा क्षेत्र में 40 प्रत्याशी चुनावी मैदान में दिन-रात जुटे रहे।सभी प्रत्याशियों ने जीत के लिए कड़ी मेहनत की, लेकिन अब मतदाताओं की बारी है। ऐसे में पांच अक्तूबर को मतदान के दिन नौ लाख 40 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करेंगे।
अंतिम दिन सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने भी बिलासपुर में चुनावी जनसभा को संबोधित किया। वहीं भाजपा प्रत्याशियों ने भी अंतिम दिन अधिक से अधिक मतदाताओं तक पहुंचने के लिए शक्ति प्रदर्शन किया। यमुनानगर से इनेलो-बसपा प्रत्याशी दिलबाग सिंह ने रोड शो कर माहौल बनाने का प्रयास किया, तो जगाधरी से बसपा-इनेलो गठबंधन प्रत्याशी दर्शनलाल खेड़ा ने भी रोड शो किया।
चुनाव प्रचार खत्म होने के बाद चुनावी गेंद अब मतदाताओं के पाले में पहुंच गई है। यमुनानगर जिले में मतदान को लेकर पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। जिले में मतदान करने के लिए 979 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। पिछले दो चुनाव में यमुनानगर में मतदान को लेकर मतदाताओं में खासा उत्साह रहा है।
साल 2019 के विधानसभा चुनाव जिले में 74 फीसदी मतदाताओं ने मतदान कर रिकार्ड कायम किया था। लोकसभा चुनाव में भी जिले के मतदाताओं में खासा उत्साह नजर आया था। लोकसभा के चुनाव में 71 फीसदी मतदान जिले में हुआ था। विधानसभा चुनाव में मतदाताओं को जागरूक करने के लिए तमाम प्रयास किए गए हैं। अब मतदाताओं के सामने पिछले रिकार्ड को सुधारने की चुनौती है।