संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। किसान आधिकारिक तौर पर 15 जून से खेतों में धान की रोपाई शुरू कर सकेंगे। धान रोपाई के लिए किसानों की तैयारी पूरी है। धान की पौध तैयार हो चुकी है। किसान भी ट्रैक्टर से खेतों को रोपाई के लिए तैयार करने में जी जान से जुट गए हैं।
शनिवार को जगह-जगह किसान खेतों में संवारने में लगे रहे। प्रदेश में इस बार 1837.07 हजार हेक्टेयर में धान की रोपाई करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें यमुनानगर का रकबा 87.60 हेक्टेयर है। हालांकि इस बार किसानों ने समय से पहले ही धान की रोपाई शुरू कर दी थी। करीब 10 दिन से धान रोपा जा रहा है। वैसे किसानों को धान की रोपाई करने के लिए अब अभी मंगलवार तक का इंतजार करना चाहिए। वह इसलिए क्योंकि मंगलवार से वीरवार तक बारिश होने की संभावना है। यदि बारिश होती है तो किसानों को रोपाई से पहले खेत तैयार करने में मदद मिलेगी। इसके लिए खेत में ट्यूबवेल कम चलाना पड़ेगा और पानी की बचत होगी।
कृषि विज्ञान केंद्र दामला के समन्वयक डॉ. संदीप रावल ने बताया कि धान रोपाई के लिए अभी तो शुरूआत हुई है। इसलिए किसानों के पास बहुत समय बाकी है। इसलिए किसानों को जुलाई में ही रोपाई करनी चाहिए। उस समय मानसून सीजन चरम पर होता है और पानी की कोई कमी नहीं होती। धान की परंपरागत रोपाई की अपेक्षा सीधी बिजाई में पानी कम लगता है और फसल की जड़ें भी बेहतर तरीके से विकसित होती हैं। इससे उत्पादन में बढ़ोतरी होती है।
पहले की गई रोपाई से पौधे ठीक से विकसित नहीं हो पाते और किसान को नुकसान उठाना पड़ सकता है। सीधी बिजाई को बढ़ावा देने के लिए सरकार सब्सिडी भी दे रही है। उन्होंन किसानों से अपील करते हुए कहा कि वे मौसम, मिट्टी और जल स्त्रोत को ध्यान में रखते हुए सीधी बिजाई करें। सही समय पर और सही विधि से की गई खेती ही किसानों के लिए फायदेमंद साबित होती है।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने जिले में करीब 87 लाख 60 हजार हेक्टेयर पर धान रोपाई का लक्ष्य रखा है। 15 जून से पहले धान की रोपाई करने पर प्रतिबंध है। अब किसान धान की रोपाई कर सकते हैं। दो-तीन दिन में बारिश होने की संभावना है। किसानों को सलाह है बारिश के बाद ही धान की रोपाई करें। - डॉ. आदित्य डबास, उपनिदेशक, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग यमुनानगर।