संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। अनाज मंडियों में अब तक 513861 मीट्रिक टन धान की खरीद हो चुकी है। जिला प्रशासन ने सात लाख मीट्रिक टन धान खरीद का टारगेट रखा है। खेतों में अभी धान की फसल खड़ी है। परंतु जिस तरह से अनाज मंडियों में धान कम आ रहा है उससे लगता है कि यह टारगेट पूरा करना ही मुश्किल हो जाएगा।
अब त्योहार शुरू हो गए हैं तो माना जा रहा है आगामी चार से पांच दिनों में न के बराबर ही धान मंडियों में पहुंचेगा। मंडियों से अब तक 441843 एमटी की उठान हो चुकी है। जबकि किसानों को 978 करोड़ रुपये का भुगतान हो चुका है। उठान में तेजी होने से अब मंडियों में हालात सामान्य हो गए हैं।
डीसी कैप्टन मनोज कुमार ने बताया कि सभी 13 मंडियों में 513861 मीट्रिक टन ग्रेड-ए धान की खरीद हो चुकी है। इस अवधि में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा 304675 मीट्रिक टन, हैफेड द्वारा 110590 मीट्रिक टन, हरियाणा भंडारण निगम द्वारा 98596 मीट्रिक टन धान की खरीद की गई है।
बिलासपुर अनाज मंडी में 49823 मीट्रिक टन, छछरौली अनाज मंडी में 62034 मीट्रिक टन, गुमथला राव अनाज मंडी में 7667 मीट्रिक टन, जगाधरी अनाज मंडी में 75379 मीट्रिक टन, जठलाना अनाज मंडी में 4320 मीट्रिक टन, खारवन मंडी में 5519 मीट्रिक टन धान की खरीद हुई है। वहीं, प्रतापनगर अनाज मंडी में 93270 मीट्रिक टन, सरस्वतीनगर अनाज मंडी में 91123 मीट्रिक टन, रादौर अनाज मंडी में 40183 मीट्रिक टन धान खरीदा गया।
रणजीतपुर मंडी में 37287 मीट्रिक टन, रसूलपुर अनाज मंडी में 14323 मीट्रिक टन, साढौरा अनाज मंडी में 32545 मीट्रिक टन व यमुनानगर अनाज मंडी में 388 मीट्रिक टन धान की खरीद की गई है। उन्होंने सभी खरीद एजेंसियों को निर्देश दिए कि वे मंडियों से खरीदे गए धान को जल्दी उठाने की व्यवस्था करें ताकि किसान सुविधा पूर्ण तरीके से अपनी फसल बेच सके। किसान अनाज मंडी में फसल को सुखा कर लेकर आए ताकि उन्हें फसल बेचने में कोई दिक्कत न हो।