साढौरा। रतौली गांव में पांच अप्रैल को मिट्टी की ढांग ढहने से हुई दो महिलाओं की मौत और छह लोगों के घायल होने के बाद पुलिस के अधिकारी अस्पताल पहुंचे थे। उसके बाद से घायलों की हालत जानने या उनके उपचार में मदद देने के लिए प्रशासन को कोई भी अधिकारी उन तक नहीं पहुंचा। इससे ग्रामीणों में सरकार के प्रति नाराजगी है। वहीं ग्रामीण खुद ही मिलजुल कर मरीजों का उपचार करवाने व उनके परिवारों की सहायता कर रहे हैं।
हादसे के बाद से ही पीजीआई में उपचार करवा रही अफसाना की टांग और बाजू टूटने के अलावा उसे सांस लेने में भी दिक्कत हो रही है। एक साल पहले जमींदार के खेत में मजदूरी करने के दौरान उसके पति तालिब की टांग टूट गई थी। तब से वह काम करने में लाचार है। इन हालात में अफसाना ही पशुपालन करके परिवार का गुजर-बसर करती थीं। परिवार में तीन बेटियों के अलावा एक छोटा लड़का है। अब अफसाना के भी घायल होने से परिवार पर मुसीबतों का पहाड़ टूट गया है।
इस हादसे में अपनी मां नसरीना को खो चुका 12 वर्षीय परवेज का चंडीगढ़ के सेक्टर-32 के मेडिकल कॉलेज में उपचार चल रहा है। उसकी हालत पहले से बेहतर है। उसके पिता मुस्तकीन भी मजदूरी करके परिवार को पाल रहे हैं। उनकी भी माली हालत ऐसी नहीं है कि दवाओं का खर्चा सहन कर सके।
हादसे में मंजूर हसन के अलावा उसकी पत्नी सलमा, बेटी मुस्कान व बहन सूफी भी घायल हुए थे। मंजूर हसन, सलमा व सूफी का तो यमुनानगर के ट्रामा सेंटर में उपचार किया जा रहा है, जबकि मुस्कान का पीजीआई में उपचार चल रहा है। मंजूर की आंख में चोट है तो सलमा की बाजू व टांग टूटी हुई है। सूफी की बाजू टूटने के अलावा उसे अंदरूनी चोटें लगी हुई हैं। इनकी हालत पहले से बेहतर है तो मुस्कान के पेट में दिक्कत है। एक ही परिवार के सभी सदस्यों के घायल होने से उन्हें दवाओं और अन्य खर्चों के लिए पैसे की जरूरत पड़ रही है।
सरपंच बोले- आसपास के गांवों से भी लोग कर रहे सहायता
सरपंच यासीन ने बताया कि इन परिवारों की आर्थिक हालत को देखते हुए रतौली ही नहीं आसपास के गांवों के लोग इन सभी के उपचार के लिए सहायता कर रहे हैं। यही नहीं इनकी गैर मौजूदगी में इनके घर पर बंधे पशुओं के लिए चारे तक का भी प्रबंध कर रहे हैं। सभी ग्रामीण दुआएं कर रहे हैं कि यह सभी सकुशल होकर ईद के त्योहार तक अपने घर आ जाएं।
पंचायत ने ढांग को समतल करवाने का काम किया शुरू
पंचायत की आठ एकड़ गोचरान में एक एकड़ में मौजूद इस 12 फीट ऊंची ढांग को पंचायत ने समतल करने का काम शुरू कर दिया है। जेसीबी मशीन दो दिन से इस काम में जुटी हुई है। सरपंच यासीन ने बताया कि पहले ही समतल किए जा चुके हिस्से में खेल मैदान बना हुआ है। जो हिस्सा अब समतल किया जा रहा है, उस जगह को भी ग्रामीणों की सहमति से इस्तेमाल में लाया जाएगा।