सीएम फ्लाइंग की जांच ने थर्मल पावर प्लांट की अफसरशाही की ईमानदारी को कटघरे में खड़ा कर दिया है। जांच के मुताबिक 600 मेगावाट के दीन बंधु छोटूराम थर्मल पावर स्टेशन के अंदर कोयले में खेल हो रहा है। यहां से हेराफेरी कर कोयले को बाहर ईंट भट्ठों पर अवैध तरीके से सप्लाई किया जा रहा है। यह सब तब सामने आया जब मुख्यमंत्री उड़न दस्ते ने बुधवार रात को दामला में दूधला रोड पर बने ईंट भट्ठे पर रेड कर यहां थर्मल से डंपर में आए कोयले को उतरते पकड़ा। बकायदा इस मामले में फ्लाइंग ने थाना सदर यमुनानगर में थर्मल के कर्मचारी व अधिकारियों के अलावा ईंट भट्ठे के मालिक के खिलाफ धारा 420, 120बी और 409 के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। उधर, केस दर्ज होने के बाद थर्मल प्रशासन के अंदर खलबली मच गई है। चूंकि अभी तक थर्मल से इस तरह का गड़बड़झाला सामने नहीं आया था।
ठोस सूत्रों के अनुसार जैसे ही थर्मल कर्मचारी व अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज हुआ है। वीरवार सुबह ही सीआईडी भी प्लांट के अंदर पहुंच गई। यहां कर्मचारियों ने थर्मल के अफसरों से कोल प्लांट कौन-कौन देखता है उनके नामों की सूची मांगी, लेकिन प्लांट प्रशासन ने उन्हें लिस्ट देने से मना कर दिया गया। अफसरों ने पल्ला झाड़ते हुए इतना कहा यह उनका कोयला नहीं है। उधर ईंट-भट्ठे पर रेड के दौरान ही कोयले के सैंपल लिए गए। इसी तरह थर्मल के अंदर पड़े कोयले के भी सैंपल लिए जाएंगे। जिन्हें जांच के लिए लैब में भेजा जाएगा। उधर, जिस समय भट्ठे पर मुख्यमंत्री उड़नदस्ता की कार्रवाई चल रही थी। सूत्रों के अनुसार कार्रवाई को रुकवाने के लिए टीम पर राजनीति दबाव डलवाने की भी कोशिश की गई।
जानकारी के अनुसार दीन बंधु छोटूराम थर्मल पावर स्टेशन में 300-300 मेगावाट की दो यूनिटें लगी हुई है। जिनसे एक दिन में लगभग पांच करोड़ रुपये का बिजली का उत्पादन होता है। प्लांट में कोयले की खपत 10 हजार टन है जिससे करीब चार हजार टन राख बनती है। इसी राख से लगभग 80 से 90 ट्रक रोजाना भरे जाते हैं। बता दें इसमें कॉल हैंडिंग प्लांट (सीएचपी) का मुख्य रोल होता है और रोजाना लगभग 58 बोगी कोयले की खपत होती है।
सूचना मिली थी सरकार को अलॉट हुआ कोयला थर्मल प्लांट से हेराफेरी कर दामला के ईंट-भट्ठे पर सप्लाई किया जाता है। इसके बाद टीम रेड के लिए दामला पहुंची और डंपर से कोयला उतरते हुए की वीडियो बना ली। मौके पर थर्मल के एक्सईएन को भी बुलाया गया था लेकिन उन्होंने पल्ला झाड़ते हुए इस कोयले को थर्मल का न होना बताया। इसके अलावा भट्ठे का मालिक भी कोयले से संबंधित कोई दस्तावेज पेश नहीं कर पाया। इसके बाद थाना में शिकायत देकर थर्मल कर्मचारी व अधिकारियों व भट्ठा मालिक के खिलाफ केस दर्ज कराया गया है।
-दिनेश कुमार, इंस्पेक्टर मुख्यमंत्री उड़नदस्ता।