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Yamuna Nagar News: ऑनलाइन बाजार से कपड़ा, किराना कारोबार प्रभावित

Fri, 26 Jun 2026 12:15 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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नेशनल हाईवे छछरौली रोड पर सामान लेकर जाता डिलीवरी ब्वाॅय। आर्काइव
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संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। ई-कॉमर्स और क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म का विस्तार का असर अब शहर के पारंपरिक कारोबार पर भी दिखाई देने लगा है। ऑनलाइन कंपनियों की ओर से भारी छूट, आकर्षक ऑफर और कुछ ही मिनटों में घर तक डिलीवरी की सुविधा मिलने से ग्राहकों का रुझान तेजी से डिजिटल खरीदारी की ओर बढ़ रहा है। इसका सीधा असर कपड़ा और किराना व्यापारियों की बिक्री पर पड़ रहा है।
व्यापारियों का कहना है कि पहले ग्राहक बाजार में आकर सामान की गुणवत्ता देखकर खरीदारी करते थे, लेकिन अब बड़ी संख्या में लोग मोबाइल एप के माध्यम से ऑर्डर कर रहे हैं। इससे बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही कम हुई है और छोटे व्यापारियों के सामने प्रतिस्पर्धा की चुनौती बढ़ गई है। कपड़ा कारोबार से जुड़े व्यापारियों का कहना है कि त्योहार और शादी-विवाह के सीजन में भी पहले जैसी रौनक नहीं दिखाई दे रही।
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वहीं किराना दुकानदारों का कहना है कि 10 से 15 मिनट में डिलीवरी करने वाली कंपनियों के कारण दैनिक उपयोग की वस्तुओं की बिक्री प्रभावित हुई है। हालांकि ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में अभी भी स्थानीय दुकानों पर ग्राहकों का भरोसा बना हुआ है। उधार सुविधा, व्यक्तिगत संबंध और तत्काल जरूरत के समय उपलब्धता स्थानीय व्यापार की मजबूती बनी हुई है।
कारोबार विशेषज्ञों का मानना है कि समय के साथ व्यापारियों को डिजिटल भुगतान, व्हाट्सएप ऑर्डर और होम डिलीवरी जैसी सुविधाएं अपनानी होंगी। पुराना रादौर रोड के किराना व्यापारी विवेक अग्रवाल, विक्की अग्रवाल, नवीन अग्रवाल, नरेंद्र मित्तल आदि का कहना है कि ऑनलाइन से व्यापार में विपरीत प्रभाव पड़ रहा है।
कई ऑनलाइन कंपनियां घर पर ही घरेलू सामान की डिलीवरी करवा रही है जिससे लोगों को सुविधा तो दी जा रही है लेकिन गुणवत्ता की बात करें तो गुणवत्ता सीमित ही रहती है अगर आसपास से सामान की खरीदारी की जाए तो बाजार में रौनक रहती है और व्यापारी भी इससे खुश रहता है। ऑनलाइन ट्रेंड ने होने वाले त्योहारों को भी ग्रहण लगा दिया है पहले त्योहारों पर बाजारों में रौनक रहती थी लेकिन अब वह खत्म होने लग गई है।
गोविंदपुरी रोड स्थित साई कंप्यूटर के संचालक राहुल का कहना है कि ऑनलाइन ऑफर ग्राहकों को आकर्षित कर रहे हैं। ज्यादातर कंपनियां ऑनलाइन के माध्यम से घर पर ही मोबाइल, कंप्यूटर, लैपटॉप, चार्जर, आदि इलेक्ट्रॉनिक सामान की घर पर ही डिलीवरी करवा रहे हैं। ऐसे में समय की बचत तो जरूर होती है लेकिन सामान की वापस करने पर दिक्कतें भी होती हैं। त्योहारों और शादी के सीजन में भी बाजार पहले जैसी रौनक नहीं दिख रही है।
राजीव कुकरेजा ने कहा कि ऑनलाइन शॉपिंग के कई फायदे हैं, लेकिन इसका असर छोटे व्यापारियों पर लगातार बढ़ रहा है। आने वाले समय में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के विस्तार से छोटे दुकानदारों के सामने प्रतिस्पर्धा और कठिन हो जाएगी। उनका मानना है कि पारंपरिक व्यापारियों को भी समय के साथ डिजिटल सुविधाएं अपनाकर खुद को बदलना होगा, तभी वे बाजार में टिक पाएंगे। दुकानों की सबसे बड़ी ताकत ग्राहकों से व्यक्तिगत संबंध और उधार की सुविधा है।
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मुंडा माजरा में स्वागत क्लाथ हाउस के संचालक धर्मेंद्र ने बताया कि पहले ग्राहक पूरे परिवार के साथ खरीदारी करने आते थे, लेकिन अब युवा वर्ग ऑनलाइन प्लेटफॉर्म को प्राथमिकता दे रहा है। इससे बिक्री पर असर पड़ा है। जो पहले के ग्राहक हैं वही दुकान पर कपड़ा खरीदारी करने आते हैं लेकिन आज का युवा ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहा है आने वाले समय में छोटा व्यापारी को दुकानदारी बंद करनी पड़ेगी।

नेशनल हाईवे छछरौली रोड पर सामान लेकर जाता डिलीवरी ब्वाॅय। आर्काइव

नेशनल हाईवे छछरौली रोड पर सामान लेकर जाता डिलीवरी ब्वाॅय। आर्काइव

नेशनल हाईवे छछरौली रोड पर सामान लेकर जाता डिलीवरी ब्वाॅय। आर्काइव

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