संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। नगर निगम यमुनानगर-जगाधरी क्षेत्र में करोड़ों रुपये के काम ढाई माह से ई-टेंडर में लटके हैं, क्योंकि इनके लिए कोई ठेकेदार या एजेंसी नहीं मिल रही है। बार-बार रिकॉल किए ई-टेंडर में दिए समय में किसी ठेकेदार या एजेंसी से बिड नहीं आ रही या कई कामों के लिए पहली बार में एक ही बिड आने पर भी ई-टेंडर रिकॉल करने पड़ रहे हैं। ये देख वार्डों के पार्षद ई-टेंडर प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि ई-टेंडर का अफसर प्रचार नहीं कर रहे हैं, जो महज वेबसाइट पर ई-टेंडर अपलोड कर पल्ला झाड़ रहे हैं।
वार्ड नंबर चार से पार्षद देवेंद्र सिंह और वार्ड नंबर 13 से पार्षद निर्मल चौहान का कहना है कि बीते चार साल के कार्यकाल में वार्डों के काम जमीन पर कम और कागजों में अधिक हो रहे हैं। ई-टेंडर प्रक्रिया कई माह पूरी नहीं होती, जिसकी वजह उसका प्रचार-प्रसार न होना भी है। टेंडर की विज्ञप्ति न तो समाचार पत्रों में दी जा रही है, न टेंडर की प्रति सदन में मंजूर किए प्रस्ताव अनुसार वार्डों के पार्षदों को भेजी जा रही है। अब दस माह का कार्यकाल शेष है, जिसमें वार्डों में होने वाले जरूरी काम अधिक हैं। ऐसे में ई-टेंडर का अधिक से अधिक प्रचार कर उन्हें सिरे चढ़ाया जाना चाहिए। ये मांग आगामी सदन बैठक में भी होगी।
ठेकेदार नहीं मिलने से वार्ड-11 में 1.71 करोड़ रुपये में तेजली समीप सामुदायिक केंद्र का निर्माण अटका है। वार्ड-11 के तेजली खेल परिसर में 23.44 लाख रुपये में पब्लिक टॉयलेट का निर्माण नहीं हो पा रहा है। वार्ड-16 में 48.84 लाख रुपये में वाइन शॉप से आरयूबी तक सड़क व सीवर लाइन व ऑटो मार्केट की पार्किंग का निर्माण नहीं हो सका। वार्ड-18 में 24.52 लाख से विभिन्न क्षेत्र में मरम्मत कार्य गांव कैल के पास 13.74 लाख रुपये में कचरा प्लांट की चहारदिवारी का निर्माण भी नहीं हो पा रहा है। इसके अलावा गत ढाई माह में लगे अन्य ई-टेंडर शून्य या एक बिड होने पर रिकॉल हो चुके हैं।
टेंडर प्रक्रिया नियमानुसार अमल में लाई जा रही है। प्रयास है कि जल्द टेंडर व वर्क अलॉट कर निर्माण व अन्य कार्य तय समय अवधि में पूरे कराए जाएं। - आयुष सिन्हा, आयुक्त, नगर निगम।