छछरौली। गांव कोट मुश्तर्का में पंचायत भूमि पर बने प्राचीन ठाकुर द्वारा मंदिर कोत रूप से तोड़े जाने का मामला सामने आया है। घटना के बाद ग्रामीणों में भारी रोष है। शिकायत मिलने पर बीडीपीओ छछरौली ने मौके का निरीक्षण किया और संबंधित पक्ष के खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस को लिखित शिकायत भेजी है।
बीडीपीओ चौहान ने बताया कि गांव के कई ग्रामीणों ने उनके कार्यालय में शिकायत देकर आरोप लगाया कि पूर्व सरपंच मगन लाल और उसके कुछ साथियों ने पंचायत भूमि पर बने प्राचीन मंदिर को ध्वस्त कर दिया। शिकायत के बाद अधिकारियों की टीम ने मौके का निरीक्षण किया। जांच के दौरान मंदिर का मलबा घटनास्थल पर पड़ा मिला और मंदिर पूरी तरह टूटा हुआ पाया गया।
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उन्होंने बताया कि जिस भूमि पर मंदिर बना हुआ था, वह पंचायत की संपत्ति है और राजस्व रिकॉर्ड में भी पंचायत के नाम दर्ज है। बीडीपीओ के अनुसार इस भूमि को लेकर गांव के दो पक्षों के बीच लंबे समय से विवाद चला आ रहा है। मंदिर तोड़ने का आरोप झेल रहे पक्ष का दावा है कि उन्हें अदालत से भूमि विवाद मामले में राहत मिली है।
दूसरे पक्ष को जमीन में हस्तक्षेप से रोका गया है। बीडीपीओ ने कहा कि पंचायत रिकॉर्ड के अनुसार भूमि पंचायत की है और मामले में सभी तथ्यों की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि पंचायत की संपत्ति पर बने धार्मिक स्थल को नुकसान पहुंचाना गंभीर विषय है। इस संबंध में छछरौली थाना पुलिस को शिकायत भेजकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। वहीं घटना के बाद गांव में तनावपूर्ण माहौल है और ग्रामीण दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।