संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। इस साल में जिले का पारा पहली बार 41 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। दिनभर लोगों को लू के थपेड़ों का सामना करना पड़ा। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता कि वीरवार को सुबह 11 बजे से ही लू ने लोगों को झुलसाना शुरू कर दिया था। शाम को छह बजे के बाद भी हवाएं गर्म ही रही।
लू से बचने के लिए लोग अपने चेहरों को ढक कर चलते दिखे। लू की वजह से लोगों का अपने घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। शनिवार को बादल छाने से थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। अभी तक कभी हवाएं चलने तो कभी हल्की बूंदाबांदी की वजह से मौसम अनुकूल बना हुआ था। इससे लोगों को गर्मी ज्यादा महसूस नहीं हो रही थी।
बारिश की वजह से कई-कई दिन तक लोगों को हल्की ठंडक महसूस होती रही। जिस कारण मई का आधा महीने बीतने पर भी लोगों को गर्मी का ज्यादा एहसास नहीं हुआ। परंतु अब गर्मी ने अपना प्रचंड रूप दिखाना शुरू कर दिया है। यही वजह है कि इस बार वीरवार को जिले का अधिकतम तापमान पहली बार 41 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। दोपहर 12 बजे के बाद धीरे-धीरे सड़कें वीरान होने लगी। सड़कों पर केवल चुनिंदा लोग ही दिखे। गर्मी से बचने के लिए नींबू की शिकंजवी, फलों के जूस व गन्ने की रेहड़ियों की तरफ रूख करने लगे हैं। इसलिए इन रेहड़ियों पर ज्यादा भीड़ देखने को मिल रही है। इसी तरह लोग आइसक्रीम का भी सहारा ले रहे हैं।
प्रमोद, रिंकू व विनोद ने बताया कि वीरवार को इतनी गर्मी थी कि धूप में चलना भी मुश्किल हो गया। बार-बार ठंडा पानी पीना पड़ा, लेकिन बहुत ज्यादा प्यास लगती रही। लू की वजह से सबसे ज्यादा दिक्कत दोपहिया वाहन चालकों को हो रही है। बाइक सवारों का कहीं आना जाना मुश्किल हो गया है। वहीं जो लोग कार व चारपहिया वाहनों में चल रहे हैं, उन्हें भी एसी चलाकर सफर करना पड़ रहा है।