संवाद न्यूज एजेंसी
छछरौली। जल एवं स्वच्छता सहायक संगठन जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की ओर से छछरौली के सामुदायिक भवन में कार्यक्रम करवाया गया। इस दौरान पानी की जांच करने के बारे में जानकारी दी गई।
कार्यक्रम ग्राम पंचायतों को ग्रामीण पेयजल आपूर्ति योजना के संचालन व रखरखाव का प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता एसडीओ गुरदीप सिंह ने की। विभाग की जिला सलाहकार रजनी गोयल ने कहा कि जल बनाया नहीं जा सकता, सिर्फ बचाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि पृथ्वी पर कुल जल का 97 प्रतिशत भाग खारा समुद्र एवं महासागरों में है।
दो प्रतिशत बर्फ के रूप में ग्लेशियर पर उपलब्ध है। मात्र एक प्रतिशत पानी जीवों के इस्तेमाल के लिए है। रजनी गोयल ने कहा कि जल संसाधनों की कमी प्राकृतिक वातावरण को खराब कर रही है। उन्होंने कहा कि पानी के बिना कोई प्राणी जीवित नहीं रह सकता है। इसलिए सभी का नैतिक कर्तव्य बनता है कि जरूरत के अनुसार ही पानी का इस्तेमाल करें। इस दौरान जिला लैब से सुखविंद्र सिंह ने पानी में क्लोरिनेशन की विधि बताई।
इस दौरान जूनियर इंजीनियर भरत सिंह, दीपक कुमार, धर्मवीर राठी, सरपंच अनिल कुमार इस्माइलपुर, सरपंच अब्दुल, चिक्कन सरपंच पूजा रानी, बनियावाला सरपंच रजत कुमार, मुजफ्फर खुर्द से सरपंच इसरार अली, सरपंच सचिन कुमार, हथिनी कुंड सरपंच अकरम खान आदि उपस्थित रहे।