फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

किशोरी ने बालकुंज में काटी हाथ नस

विज्ञापन
छछरौली के बालकुंज में युवती ने काटी नस - फोटो : Yamuna Nagar
विज्ञापन
शॉर्ट कपड़े पहनने से घरवालों के मना करने पर 17 साल की किशोरी ने घर छोड़ दिया। घर से बाहर आते ही किशोरी ने चाइल्डहेल्प लाइन में कॉल कर घरवालों की शिकायत की। जिस पर चाइल्ड लाइन की टीम ने उसे छछरौली स्थित बालकुंज में भिजवा दिया। काउंसलिंग के दौरान परिवारवालों ने उसे ले जाने से मना कर दिया, जिससे आहत होकर उसने शनिवार को उसने चाकू से हाथ की नस काट ली। स्टाफ सदस्यों ने युवती को अस्पताल में भर्ती करवाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे छुट्टी दे दी। बाद में युवती के परिजन बालकुंज पहुंचे और उसे मनाकर घर ले गए। युवती दिवाली के दिन घर छोड़कर आई थी।
विज्ञापन

खून से सने हाथ देकर मचा हड़कंप
घर वालों से नाराज चल रही युवती ने बालकुंज में रखे चाकू से हाथ की नसें काट ली। युवती के खून में सने हाथ देखकर बालकुंज प्रशासन में हड़कंप मच गया। युवती को आनन-फानन में सीएससी छछरौली में उपचार के लिए ले गए। जहां से उसको उपचार करने के बाद वापस बालकुंज भेज दिया गया।
पांच दिन से रह रही थी बालकुंज
-बालकुंज अधीक्षक व चाइल्ड वेलफेयर कमिटी सदस्य सुखमिंदर का कहना है कि चाइल्ड वेलफेयर कमिटी ने 27 अक्टूबर को एक 16 वर्षीय युवती को बालकुंज में भिजवाया था। जो कि पिछले 5 दिन से बालकुंज में रह रही थी। वह रादौर के एक गांव के रहने वाली है। युवती के घर से निकलने के बाद युवती के परिजनों ने थाना रादौर में गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई हुई है।
विज्ञापन

परिजन करते हैं मारपीट
- युवती ने चाइल्ड लाइन की टीम को बताया कि शॉर्ट कपड़े पहनने, मोबाइल रखने और स्कूटी पर घूमने के लिए पेरेंट्स उसे रोकते हैं। जब वह नहीं मानती तो परिजन उसके साथ मारपीट करते हैं। जिसकी वजह से वह बहुत परेशान है। उसे पुराने तरीके से रहने का मन नहीं है और वह अपने हिसाब से अपनी जिंदगी जीना चाहती है। इसलिए उसे परेशान ना किया जाएं। बच्ची के जिद्द के आगे परिजनों को झुकना पड़ा और समझा बुझा कर उसे घर ले गए।
चाइल्ड वेलफेयर कमेटी की अध्यक्ष अंजु वाजपेई का कहना है कि किशोरी ने हेल्पलाइन नंबर पर कॉल की थी। पेरेंट्स पर उसने मारपीट के आरोप लगाए थे। वह घर नहीं जाना चाहती। इसलिए युवती को बालकुंज छछरौली भेज दिया गया था। अब मां-बाप उसे अपने साथ ले गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें