संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। एफएलएन के प्रशिक्षण शिविर में गुरुजनों की भोजन की थाली छिन गई है। अब प्रशिक्षण शिविर में गुरुजनों को भोजन नहीं मिलेगा। उन्हें विभाग की ओर से दो कप चाय और नाश्ता (स्नैक्स) दिया जाएगा। इसके साथ ही निदेशालय की ओर से प्रशिक्षण का समय भी बढ़ा दिया है। निदेशालय ने दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में मिलने वाली थाली बंद करने के आदेश दिए हैं।
शिविर में गुरुजनों को दो कप चाय और नाश्ता दिया जाएगा। इसके पीछे निदेशालय ने तर्क दिया है कि प्रशिक्षण के दौरान भोजन अवकाश में ज्यादा समय लगता है और दोपहर का भोजन करने के बाद गुरुजी विषय पर ध्यान केंद्रित नहीं कर पाते हैं। ऐसे में निदेशालय ने भेाजन के स्थान पर चाय-नाश्ता की व्यवस्था की है।
विभाग का मानना है कि इससे समय प्रबंधन होगा और प्रशिक्षण कार्य में भी गुणवत्ता आएगी। यही नहीं निदेशालय ने प्रशिक्षण समय में भी वृद्धि की है। विशेषज्ञों के अनुसार भोजन अवकाश व प्रशिक्षण बढ़ाने के बाद अब चार दिन चलने वाला शिविर दो दिन में पूरा हो जाएगा। इससे समय की बचत होगी और प्रशिक्षु को भी इसका लाभ मिलेगा।
जिले में अभी एफएलएन की ओर से साक्षरता और संख्या ज्ञान विषय पर प्रशिक्षण शिविर लगाया जा रहा है। यह शिविर जिले के सभी खंडों में लग रहा है। इसमें जिलेभर से 1187 शिक्षक भाग ले रहे हैं। एफएलएन जिला समन्वयक संजीव सैनी ने बताया कि निदेशालय की ओर से प्रशिक्षण की गुणवत्ता बढ़ाने और समय प्रबंधन के लिए ऐसा किया गया है। चूंकि प्रशिक्षण के दौरान भोजन के लिए अतिरिक्त अवकाश दिया जाता था, इससे प्रशिक्षण लंबा चलता था।
एफएलएन की ओर से शनिवार को खंड छछरौली में प्रशिक्षण शिविर लगाया गया। सात से दस जनवरी तक चले इस शिविर में 245 प्राथमिक शिक्षकों ने भाग लिया। इसमें शिक्षकों के कुल छह बैच बनाए गए और प्रत्येक बैच को दो दिन का प्रशिक्षण दिया गया। शनिवार को शिविर समापन पर सभी शिक्षकों को प्रमाणपत्र भेंट कर मुख्यातिथि खंड शिक्षा अधिकारी अशोक धीमान ने सम्मानित किया। वहीं, इस दौरान मुख्य प्रशिक्षकों को स्मृति व प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया गया।
यहां खंड शिक्षा अधिकारी कहा कि आने वाले 45 दिनों में विद्यार्थियों को समर्थित शिक्षार्थी, औसत शिक्षार्थी और उत्कृष्ट शिक्षार्थी के अनुसार ग्रुपों में विभाजित कर सघन उपचारात्मक शिक्षा कार्यक्रम चलाना है। हर अध्यापक का प्रयास कक्षा में पढ़ रहे हर बच्चे को उत्कृष्ट विद्यार्थी की श्रेणी में लेकर आना होगा, तभी हम सामूहिक प्रयास से छछरौली को निपुण खंड बना सकेंगे।
एफएलएन जिला समन्वयक संजीव सैनी ने अध्यापकों को सेंसेस-2 के बहतरीन परिणाम के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि सभी शिक्षकों ने पिछले 40 दिनों में उपचारात्मक कार्यक्रम बहुत अच्छे से किया है, हमें मिलकर इसे और बेहतर बनाना होगा। इस दौरान खंड समन्वयक नीरज कुमार, बीआरपी निशा, मुख्य प्रशिक्षक मनप्रीत सिंह, प्रदीप सिंह, हरदीप सिंह, विकास खोबरा, सूरज कल्याण, संपर्क फाउंडेशन से रोशन नेगी, रेनू बाला, रितिका, मनजीत कुमारी सहित अन्य उपस्थित रहे।