फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Yamuna Nagar News: आदेश के विरोध में शिक्षकों ने सौंपा ज्ञापन

Wed, 16 Jul 2025 12:41 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

यमुनानगर। शिक्षा विभाग ने एक ही परिसर में चल रहे राजकीय प्राथमिक, हाई, माध्यमिक व सीनियर सेकेंडरी स्कूलों की अलग-अलग स्कूल मैनेजमेंट कमेटियों (एसएमसी) को खत्म कर दिया है। नए आदेशों के अनुसार यदि एक ही परिसर में कई स्कूल एक साथ चल रहे हैं तो अब उनकी एक ही मैनेजमेंट कमेटी होगी। हरियाणा प्राइमरी टीचर एसोसिएशन यमुनानगर के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को जिला शिक्षा अधिकारी धर्मेंद्र चौधरी को नई विद्यालय प्रबंधन समिति गठन करने के विरोध में ज्ञापन सौंपा।
जिला प्रधान अमित सिंह ढिल्लों ने कहा कि शिक्षा विभाग ने निशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 का स्कूल मैनेजमेंट कमेटी के गठन की धारा 21 की धज्जियां उड़ाई हैं। विद्यालय शिक्षा निदेशालय द्वारा प्रदेश के विद्यालयों में सात मई 2025 के हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद पंचकूला के पत्र अनुसार गठित स्कूल मैनेजमेंट समितियों को रद्द कर दिया है। साथ ही नई मैनेजमेंट कमेटी के गठन के आदेश जारी किए गए हैं।
विज्ञापन

प्रधान अमित सिंह ढिल्लों ने बताया कि राइट टू एजुकेशन अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार प्रत्येक स्कूल में अलग स्कूल मैनेजमेंट कमेटी का गठन किया जाएगा। इस कानून के लागू होने से अब तक प्रदेश के सभी प्राथमिक स्कूलों में जो मिडल, हाई और वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों के साथ एक ही परिसर में स्थित हैं उनमें अलग स्कूल मैनेजमेंट कमेटी का गठन होता आया है।
परंतु विद्यालय शिक्षा निदेशालय के अधिकारियों ने नौ जुलाई को पत्र जारी कर मनमाने तरीके से एक परिसर में स्थित सभी स्कूलों में केवल एक ही स्कूल मैनेजमेंट कमेटी बनाने के निर्देश देकर प्राथमिक स्कूलों की कमेटी को खत्म कर दिया है। इससे प्राथमिक स्कूलों को मिलने वाली ग्रांट बंद हो जाएंगी। यह प्राथमिक स्कूलों के साथ सौतेला व्यवहार है।
प्राथमिक स्कूलों को बंद करने की साजिश है। प्रदेश के प्रत्येक राजकीय प्राथमिक विद्यालय का अलग स्कूल और अलग यू-डाइस कोड है। अलग से ग्रांट आती है जिससे प्राथमिक विद्यालय की व्यवस्था सुचारू रूप से चलती रहती है। राइट टू एजुकेशन एक्ट में संशोधन का अधिकार केवल भारतीय संसद को है। बिना संशोधन के इस प्रकार के निर्णय लेना गलत है।
दूसरी ओर उस विद्यालय में कार्यरत सदस्यों मिड डे मिल वर्कर, चपरासी, माली, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, एजुसेट चौकीदार को स्कूल मैनेजमेंट कमेटी में शामिल नहीं करने को कहा गया है। खंड छछरौली के प्रधान गुलाब सिंह राणा ने कहा कि नई कमेटी के नाम बैंक खाते भी खुल गए है।
विज्ञापन

दोबारा से समिति के गठन करने पर पहले गठित की गई समिति का अपमान होगा और गांव में सामाजिक समरसता खराब होगी व तनाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। यदि विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने इस आदेश को वापस नहीं लिया तो हरियाणा प्राइमरी टीचर एसोसिएशन मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री से मिलेगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें