लघु सचिवालय के सामने अनाज मंडी गेट पर चल रही अध्यापकों की भूख हड़ताल शनिवार को भी जारी रही। इसी के साथ भूख हड़ताल को 56 दिन हो गए। इस दौरान भूख हड़ताल का नेतृत्व जिला नूंह के खंड नगीना से राज्य कार्यकारिणी सदस्य शौकत हुसैन ने किया। शौकत हुसैन के साथ अरशद जिला सचिव नूंह, मोहम्मद इकबाल जिला कोषाध्यक्ष, मोहन लाल खंड प्रधान नगीना, अब्दुल करीम अनशन पर बैठे। अध्यापक संघ नेता यशपाल चमरौड़ी, शिक्षक संघर्ष समिति अध्यक्ष आरएस शर्मा ने मालाएं पहना कर अनशन पर बैठाया। हड़ताल के दौरान अध्यापकों के सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
शौकत हुसैन ने कहा कि नूंह जिले में सबसे ज्यादा पद खाली हैं। सरकार ने हमेशा नूंह जिले की उपेक्षा की है। केवल इसी जिले में एनजीओ के शिक्षक कार्य कर रहे हैं। अनुबंधित, कौशल रोजगार निगम एवं एनजीओ के शिक्षकों को नियमित कर शेष खाली पदों नियमित भर्ती की जाए। मेवात क्षेत्र की विशेष भौगोलिक, राजनीतिक व सामाजिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए मेवात कैडर के सभी शिक्षकों को मूल वेतन का 10 प्रतिशत देना सुनिश्चित किया जाए। स्कूल मर्ज पर रोक लगाकर आबादी के अनुपात से नए स्कूल खोले जाएं। जिला सचिव मोहम्मद अरशद ने बताया कि नूंह में कन्या स्कूलों के विलय पर रोक लगाई जाए। सरकार की नीतियां शिक्षा के अधिकार के विरूद्ध है। अध्यापक शिक्षा व शिक्षा का अधिकार बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। जब तक सरकार उनकी मांगें पूरी नहीं करती शिक्षक पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा कि अध्यापकों की भूख हड़ताल मांगें पूरी होने तक जारी रहेगी।