संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। स्कूल में विद्यार्थियों को पढ़ाने के बाद जनगणना कार्य करना शिक्षकों के लिए परेशानी बन गया है। स्कूल की छुट्टी के बाद शिक्षक घर-घर जाकर जनगणना कर रहे हैं। शिक्षक स्कूल के बाद रोजाना 15 से 20 किलोमीटर का सफर तय कर ड्यूटी के तहत जनगणना करने जा रहे हैं। इससे उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्कूल के बाद ड्यूटी क्षेत्र में शिक्षकों को आने-जाने में एक से डेढ़ घंटे का अतिरिक्त समय लग रहा है। यही नहीं सबसे ज्यादा परेशानी महिला शिक्षकों को हो रही है। जनगणना में गलत ड्यूटियां लगाने को लेकर शिक्षकों में काफी रोष है। इसे लेकर शिक्षकों ने प्रदर्शन भी किया। इसके बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ।
शिक्षकों का कहना है कि उन्हें मुहैया कराए गए नक्शे पुराने हैं, जबकि क्षेत्र पूरी तरह बदल चुके हैं। इससे उन्हें नक्शा समझने में भी दिक्कत हो रही है। हरियाणा अध्यापक शिक्षक संघ जिला प्रधान संजय कांबोज ने बताया कि अध्यापकों की ड्यूटियां उनके कार्यस्थल से काफी दूर क्षेत्रों में लगाई गई हैं, जबकि निर्देशानुसार यह कार्य विद्यालय समय के बाद किया जाना है।
ड्यूटी पर जाने के लिए शिक्षकों को रोजाना 15 से 20 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ रहा है। स्कूल के बाद दूरस्थ क्षेत्रों में जाकर कार्य करना बेहद कठिन है। संजय कांबोज ने कहा कि अभी कुछ दिन मौसम ठीक है और तापमान कम है। परंतु अगले सप्ताह से गर्मी बढ़ेगी और लू चलेगी, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।
हरियाणा संस्कृत अध्यापक संघ के राज्य प्रधान सतीश कांबोज शिक्षकों की पहले से ही बीएलओ की ड्यूटी दे रहे हैं। उन पर जनगणना का अतिरिक्त कार्यभार डालने से कार्य की गुणवत्ता प्रभावित होगी। उन पर मानसिक और शारीरिक दबाव बढ़ गया है। वीरेंद्र कुमार, मनमोहन सिंह, राकेश, कपिल, वीरेंद्र सिंह, सूर्यबाला, पूनम ने बताया कि उनकी ड्यूटी बहुत दूर लगाई गई हैं।
जगाधरी में नगर निगम के पहले गांव चनेटी के शिक्षकों की ड्यूटी यमुनानगर में शहर के अंतिम गांव औरंगाबाद में लगाई है। इन दोनों गांवों की दूरी 15 से 18 किलोमीटर दूर है। स्कूल के बाद शिक्षक इतनी दूर समय पर नहीं पहुंच पाएंगे। राज्य उप प्रधान राकेश धनखड़ ने कहा कि जनगणना मोबाइल एप से करवाई जा रहा है, लेकिन जिन शिक्षकों के पास एंड्रॉयड 11.0 से कम वर्जन के मोबाइल हैं, उनमें एप नहीं काम कर रही है।
इससे अध्यापकों पर नया मोबाइल लेने का अनावश्यक आर्थिक बोझ पड़ गया है। सरकार आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराए या कोई वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करें। यही इतना नहीं कुछ विद्यालयों में सभी अध्यापकों की जनगणना ड्यूटी लगा दी गई है, इससे शैक्षणिक कार्य प्रभावित हो रहा है। जिला प्रशासन को समस्याओं का शीघ्र समाधान करना चाहिए, ताकि जनगणना कार्य सुचारु हो सके और अध्यापकों पर अनावश्यक दबाव न पड़े।
शिक्षकों की परेशानी
-चनेटी विद्यालय के सभी शिक्षकों की ड्यूटी जनगणना में लगा दी गई है, जिससे अध्यापन कार्य प्रभावित हो रहा है।
-चनेटी के विद्यालय के शिक्षकों की ड्यूटी करीब 18 किलोमीटर दूर गांव औरंगाबाद गांव में लगा दी गई।
-दो से तीन अध्यापकों वाले करीब 12 स्कूल के सभी शिक्षकों की ड्यूटी लगा दी गई हैं।