अनाज मंडी में चल रहा अध्यापकों का अनिश्चितकालीन अनशन शुक्रवार को भी जारी रहा। इस दौरान अनशन छठे दिन में प्रवेश कर गया। क्रमिक अनशन पर पांच अध्यापक बैठे। जिनका साथी अध्यापकों ने मालाएं पहनाकर स्वागत किया। छठे दिन क्रमिक अनशन का हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के चरखी दादरी जिले से राज्य संगठन सचिव सुखदर्शन ने नेतृत्व किया। इस दौरान अध्यापकों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वहीं सुख दर्शन, डॉ. मनोज कुमार, सुंदर पाल, सुरेंद्र, सुखवीर अनशन पर बैठे।
जिला प्रधान संजय कांबोज, पूर्व प्रधान राकेश धनखड़, खंड जगाधरी प्रधान संदीप पिलानिया ने मालाएं पहनाकर अनशनकारियों का स्वागत किया।
अध्यापक संघ नेताओं ने कहा कि सरकार शिक्षा व शिक्षकों की मांगों के प्रति उदासीन है। कई मांगों पर सहमति बनने के बाद भी पत्र या कार्रवाई नहीं की गई है। बहुत से मामले वर्षों से लंबित हैं। 2017 में लगे जेबीटी अध्यापक जिनमें से करीब 1200 जिले में सेवाएं दे रहे हैं वे प्रदेश के दूसरे जिलों से हैं। 2017 में नियुक्ति के समय अध्यापकों को अस्थायी जिले आवंटित किए गए थे। वहीं आश्वासन दिया था कि जल्द ही स्थायी जिले आवंटित किए जाएंगे। अब छह साल बीत गए हैं, लेकिन स्थायी जिले आबंटित नहीं किए हैं। जिस कारण 2017 में नियुक्त अध्यापकों को पारिवारिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इस मांग को लेकर कई बार उच्च अधिकारियों व शिक्षामंत्री से मिल चुके हैं, परंतु कोई समाधान नहीं हुआ। सरकार 2017 के जेबीटी अध्यापकों को स्थायी जिला देती है, तो अतिथि अध्यापकों का अपने गृह जिले में आने का रास्ता बन जाएगा।