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Yamuna Nagar News: विद्यार्थियों को सिखाएंगे जीवन जीने की कला

Sat, 18 Oct 2025 12:34 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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जिला ​शिक्षा सदन। आर्काइव
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संवाद न्यूज एजेंसी
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जगाधरी। राजकीय विद्यालयों में अब विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान नहीं मिलेगा, बल्कि उन्हें जीवन जीने की कला भी सिखाई जाएगी। इसके लिए हर सप्ताह 45 मिनट का सत्र चलेगा। सप्ताह में एक दिन लाइफ स्किल का पीरियड लगाया जाएगा। यह कार्यक्रम राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद की ओर से चलाया जा रहा है। इसके लिए सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी को पत्र जारी किया गया है।
सभी राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में विद्यार्थियों के लिए हर सप्ताह एक पीरियड जीवन कौशल गतिविधियों का लगाया जाना अनिवार्य है। यह पीरियड बिना बस्ता पढाई दिवस कार्यक्रम के अंतर्गत लगाया जाएगा, ताकि विद्यार्थियों में रचनात्मकता, आत्मविश्वास, संवाद-कौशल और निर्णय लेने की क्षमता का विकास हो सके।
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पत्र में आदेश दिए हैं कि साप्ताहिक समय सारणी में कंप्यूटर एजुकेशन, वोकेशनल एजुकेशन, योग, कार्य अनुभव, श्रमदान और बैगलेस पीरियड इत्यादि गतिविधियों के लिए पांच पीरियड निर्धारित किए गए हैं। इन्हीं में से एक पीरियड अब जीवन कौशल गतिविधियों का रहेगा। इससे विद्यार्थियों में जिम्मेदारी का भाव उत्पन्न होगा।
जीवन कौशल शिक्षा विभाग का मानना है कि पुस्तक ज्ञान के साथ विद्यार्थियों में व्यावहारिक समझ और सामाजिक कौशल विकसित करना भी जरूरी है। इसलिए जीवन कौशल गतिविधियों का पीरियड लगेगा। इसमें विद्यार्थियों को संवाद कौशल, समय प्रबंधन, निर्णय क्षमता, टीम वर्क, आत्म-नियंत्रण और तनाव प्रबंधन इत्यादि विषयों के प्रति गतिविधियों से प्रशिक्षित किया जाएगा।

शिक्षकों को भी यह गतिविधियां प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित किया जाएगा। विभागीय सूत्रों के अनुसार, हर विद्यालय को अपने स्तर पर स्थानीय परिस्थितियों और विद्यार्थियों की रुचि के अनुसार साप्ताहिक कार्यक्रम तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे विद्यार्थियों में सीखने की प्रक्रिया रोचक और व्यवहार दोनों बनेगी।
विभाग के पत्र के बाद जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी की ओर से सभी विद्यालयों को अपने टाइम टेबल में जीवन कौशल गतिविधियों का पीरियड शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, इस बारे शिक्षकों ने कहा कि यह कदम विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास की दिशा में सकारात्मक प्रभाव डालेगा और इससे विद्यार्थियों के आचरण व व्यवहार में सुधार होगा।
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शिक्षक महेंद्र सिंह कलेर, खेमलाल सैनी, दर्शन लाल बवेजा ने कहा कि अकसर देखा जाता है कि विद्यार्थियों के पास ज्ञान तो होता है, लेकिन उन्हें निर्णय लेने या सही समय पर प्रतिक्रिया देने की समझ नहीं होती है। ऐसे में यह कार्यक्रम उन्हें व्यवहारिक रूप से सक्षम बनाएगा।
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