संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत गांव दौलतपुर में एक एक्टिव केस फाइंडिंग (एसीएफ) कैंप का आयोजन किया गया। यह कैंप सीएचसी प्रतापनगर के सीनियर मेडिकल ऑफिसर डॉ. जितेंद्र कुमार की अध्यक्षता में संपन्न हुआ।
कैंप के दौरान कुल 1200 लोगों की स्क्रीनिंग की गई, जिनसे यह पूछा गया कि क्या उन्हें टीबी के कोई लक्षण जैसे खांसी, बुखार, वजन कम होना या थकावट जैसी समस्याएं तो नहीं हैं। संभावित मरीजों को आगे की जांच हेतु चिह्नित किया गया, जिनमें से 25 लोगों के एक्स-रे किए गए और 15 लोगों के बलगम के सैंपल लिए गए। अब तक इस अभियान के अंतर्गत सात टीबी के मरीजों की पहचान की जा चुकी है।
डॉ. जितेंद्र कुमार ने कहा कि अभी भी लोग अज्ञानता और डर के कारण अपनी जांच करवाने से हिचकते हैं। हमें उन्हें बार-बार समझाना पड़ता है कि टीबी एक इलाज योग्य बीमारी है। कोई भी स्वास्थ्य कार्यक्रम जनता के सहयोग के बिना सफल नहीं हो सकता, इसलिए सभी ग्रामीणों से आग्रह है कि वे इस मुहिम में सक्रिय भागीदारी निभाएं।
डॉ. कुमार ने यह भी बताया कि अगला कैंप पांच अगस्त को गांव कोट मुकारबपुर में आयोजित किया जाएगा। उन्होंने गांववासियों से अपील की कि वे इस कैंप में अवश्य भाग लें, विशेषकर वे लोग जिनको छाती में तकलीफ, लगातार खांसी या बुखार, वजन घटना, सांस फूलना, शरीर में गांठ या थकान की शिकायत हो। कैंप में राजेंद्र कुमार, रेडियोग्राफर जसपाल, कश्मीर कौर, समरेजा मौजूद रहे।