संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। ई-अधिगम योजना के तहत मिले टैबलेट के लिए शिक्षा विभाग की ओर से दिए सिम व इंटरनेट की सुविधा बंद होने के बाद बुनियाद केंद्रों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की परेशानी बढ़ गई है। बुनियाद योजना के तहत पढ़ने वाले विद्यार्थियों के सिम भी बंद हो गए हैं। अब विद्यार्थी इन टैबलेट का उपयोग केवल केंद्रों तक कर पा रहे हैं। घर पर इस्तेमाल के लिए विद्यार्थियों को अपने स्तर पर डाटा जुटाना होगा।
बुनियाद योजना के तहत विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए कोचिंग दी जाती है। विद्यार्थियों को कोचिंग के दौरान परेशानी न हो और कठिन प्रश्न रोचक तरीके से समझाए जा सकें और विद्यार्थी घर पर इसका स्वयं से अभ्यास कर सकें। इसी उद्देश्य से विद्यार्थियों को टैबलेट दिए गए थे। दो साल से विद्यार्थियों को इसका लाभ मिल रहा था।
अब विभाग ने सिम व इंटरनेट सेवा बंद कर दी है। जिसके बाद विद्यार्थियों के टैबलेट शोपीस बन गए हैं। सिम व इंटरनेट न होने से विद्यार्थियों के साथ अध्यापकों व अभिभावकों को भी परेशानी हो रही है। जिले में बुनियाद के कुल पांच केंद्र हैं, जिसमें करीब 225 विद्यार्थी हैं। सिम व इंटरनेट न होने के कारण विद्यार्थी घर पर इंटरनेट का प्रयोग नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में विद्यार्थी केंद्र का वाई-फाई इस्तेमाल कर रहे हैं।
विद्यार्थियों के अनुसार यदि उन्हें कोई सामग्री, शिक्षकों का दिया काम व अन्य सामग्री देखनी होती है तो वे केंद्र के वाई-फाई से यह सामग्री डाउनलोड करते हैं। शिक्षकों के काम की पीडीएफ व अन्य फाइल भी उन्हें इसी तरह डाउनलोड करनी पड़ती है। विद्यार्थियों ने बताया कि केंद्र पर कई टैबलेट एक साथ जुड़े होने के कारण इंटरनेट स्पीड कम हो जाती है।
इससे फाइल डाउनलोड होने में काफी समय लगता है। इसी तरह केंद्र पर टैबलेट में काम करने में भी समय लगता है। सबसे ज्यादा परेशानी ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को होती है। चूंकि ग्रामीण क्षेत्रों में वाई-फाई से भी इंटरनेट की स्पीड कम होती है व एक साथ कई डिवाइस होने से यह परेशानी बढ़ जाती है।
बुनियाद केंद्र के विद्यार्थियों को ई-अधिगम योजना के तहत टैबलेट दिए गए थे। इसके लिए दो जीबी 5-जी डाटा प्रतिदिन देने के लिए सिम कार्ड भी उपलब्ध करवाया गया था। परंतु अब विभाग ने सिम व इंटरनेट सुविधा बंद करवा दी है। ऐसे में विद्यार्थी केंद्र पर वाई-फाई से टैबलेट का इस्तेमाल कर रहे हैं। - विशाल सिंघल, जिला विज्ञान विशेषज्ञ।