शुगर मिल में अभी भी किसानों का 36 करोड़ रुपये अटका पड़ा है। गन्ने की बकाया पेमेंट के भुगतान की मांग को लेकर किसान एक बार फिर लघु सचिवालय पहुंचे। डीसी के न मिलने पर एसडीएम प्रेमचंद गांगल को ज्ञापन दिया। एसडीएम ने जल्द भुगतान करवाने का आश्वासन दिया।
भारतीय किसान संघ के वरिष्ठ उपप्रधान रतन सिंह देवधर के नेतृत्व में जिले के किसान बुधवार सुबह सचिवालय में एकत्रित हुए। किसानों ने सरकार व मिल प्रबंधन के खिलाफ रोष प्रकट किया। किसान उपायुक्त को ज्ञापन देने आए थे, लेकिन डीसी के न मिलने पर किसानों ने एसडीएम प्रेमचंद गांगल को ज्ञापन दिया।
संघ के जिला प्रधान रामबीर चौहान ने बताया कि सरस्वती शुगर मिल पर वर्ष 2014-15 का करीब 36 करोड़ रुपये बकाया है। गन्ने का भुगतान न होने पर किसानों की आर्थिक हालत खराब हो गई है। घर का खर्च चलाने के लिए आढ़तियों व बैंक से मोटे ब्याज पर कर्ज उठाया है।
अब बैंक किसानों को कर्ज वसूली के लिए परेशान कर रहे हैं। मौके पर पंडित लक्ष्मी चंद शर्मा, विक्रमजीत सेठी, मोहकम सिंह, नीरजा गोस्वामी, राजपाल गंदापुरा, यशपाल गोस्वामी, सुखविंदर व प्रताप सिंह मौजूद रहे।
कृषि मंत्री के बयान की निंदा
भारतीय किसान संघ के पदाधिकारियों ने कृषि मंत्री के उस बयान की निंदा की है, जिसमें उन्होंने किसानों को प्रेम प्रसंग में विफल व नपुंसकता के कारण आत्महत्या करने की बात कही थी। संघ के वरिष्ठ उपप्रधान रतनसिंह देवधर ने कहा कि कृषि मंत्री का यह बयान निंदनीय है। किसानों की आत्महत्या का कारण सरकार की कृषि की गलत नीतियां जिम्मेदार हैं। किसानों को उनकी फसल का न तो लागत मूल्य मिल रहा है और न ही खाद समय पर उपलब्ध हो रहा है।