भारतीय किसान संघ की बैठक मंगलवार को किसान भवन में संघ के वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष रतन सिंह देवधर की अध्यक्षता में हुई। बैठक में किसानों ने गन्ने के दाम पर चर्चा करते हुए 380 रुपये प्रति क्विंटल दाम देने की मांग की। मांग पूरी न होने पर किसानों ने मिल में गन्ना सप्लाई बंद करने का निर्णय लिया। वहीं आंदोलन करने की चेतावनी दी। देवधर ने कहा कि सरकार किसानों की अनदेखी कर रही है। आज चीनी के थोक भाव 39 रुपये प्रति किलो है, लेकिन सरकार किसानों के गन्ने का भाव नहीं बढ़ा रही है। जबकि शुगर मिल के तय फार्मूले के हिसाब से गन्ने का भाव 380 रुपये प्रति क्विंटल बनता है, लेकिन किसानों का यह दाम नहीं मिल रहा है। किसानों को औने पौने दामों पर अपना गन्ना बेचना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार की यही मनमानी रही तो किसानों के पास आंदोलन करने के सिवा कोई रास्ता नहीं बचेगा। अब इस मामले को लेकर हरियाणा के सभी किसान संगठनों की एक बैठक 11 दिसंबर को जाट धर्मशाला करनाल में रखी गई है। जिसमें सभी जिलों के किसान भाग लेंगे। गन्ना संघर्ष समिति के अध्यक्ष रामपाल चौहान ने कहा कि सरकार ने यदि मांग पूरी नहीं की तो किसान मिलों को गन्ना सप्लाई करना बंद करेंगे। बैठक में संगठन मंत्री सुरेंद्र, सुख सिंह, धर्मवीर, लक्ष्मीचंद, विकास राणा, नीरज, राजकुमार, रामबीर चौहान आदि मौजूद रहे।