संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले में मंगलवार को अब तक का सबसे गर्म दिन रहा। जिले का अधिकतम तापमान 41.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया। गर्मी की वजह से लोगों का शरीर दिनभर पसीने से तरबतर रहा। लोगों का अपने घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। दोपहर 12 बजे से शाम चार बजे तक सड़कें सुनसान रही।
गर्मी इतनी ज्यादा है कि घरों की छतों पर रखी टंकियों में पानी भी उबल रहा है। टंकियों का पानी इतना गर्म है कि उसमें चेहरा धोना या नहाना तो दूर की बात है, हाथ भी नहीं धोए जा रहे। जिससे लोगों की परेशानी बढ़ गई है। इतनी गर्मी में लोग पानी में नहा भी नहीं पा रहे। मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को तापमान में थोड़ी कमी आने की संभावना है।
गर्मी बढ़ने से जिले में बिजली की खपत भी दिनोंदिन बढ़ती जा रही है। नौ जून को जिले में बिजली की कुल 74 लाख 64 हजार यूनिट की खपत हुई। बिजली निगम की तरफ से कृषि के लिए 11.45 लाख यूनिट, ग्रामीण में घरेलू कार्य के लिए 18.37 लाख यूनिट, इंडस्ट्री में 11 लाख और शहरी क्षेत्र में 32.82 लाख यूनिट दी गई।
निगम के मुताबिक कृषि में 30 मिनट व आरडीएस में 20 मिनट का ही बिजली कट लगा। एक दिन पहले आठ जून को 71.01 लाख यूनिट की खपत हुई थी। गर्मी में फ्रिज व एसी का लोड बढ़ने से बिजली कर्मचारियों की परेशानी बढ़ गई है, क्योंकि बार-बार तार टूट रहे हैं और ट्रांसफार्मर खराब हो रहे हैं।
पानी का बिगड़ा शेड्यूल
बिजली के तार टूटने व ट्रांसफार्मर के फ्यूज टूटने से जिले में पेयजल आपूर्ति का शेड्यूल पूरी तरह से बिगड़ गया है। तारों को जोड़ने के लिए बिजली बंद करनी पड़ती है। इससे जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग के ट्यूबवेल भी बंद हो जाते हैं। ट्यूबवेल बंद होने से पानी की पाइप लाइन खाली हो जाती है। दोबारा बिजली आने से जब लाइन भरती है तभी घरों में पानी आता है। गुलशन, विनोद, बलिंद्र ने बताया कि सुबह व शाम घरों में पानी की आपूर्ति होती है। सबसे ज्यादा दिक्कत शाम को होती है, क्योंकि लोड़ बढ़ने से फ्यूज उड़ जाते हैं तो कभी तार टूट जाती है। इससे पर्याप्त पानी नहीं मिलता। वहीं जनस्वास्थ्य विभाग की तरफ से एक से डेढ़ घंटे ज्यादा समय तक ट्यूबवेल चलाकर आपूर्ति की जा रही है।
बिगड़ रहा लोगों का व्यवहार
अत्याधिक गर्मी का असर लोगों के व्यवहार पर भी पड़ रहा है। जिला नागरिक अस्पताल के मनोचिकित्सक डॉ. नवीन कुमार का कहना है कि गर्मी के कारण लोगों का व्यवहार बिगड़ जाता है। खासकर अत्यधिक गर्मी में। इस दौरान लोग चिड़चिड़े, आक्रामक या निराश हो सकते हैं। गर्मी के कारण घबराहट, तेज सिरदर्द, सीने में दर्द की समस्या से ग्रसित हैं। उन्होंने बताया कि गर्मी में हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े पहनें, सिर ढककर रखें, कपड़े, टोपी या छतरी का उपयोग करें, पर्याप्त पानी पीएं, ओआरएस, घर में बने पेय जैसे लस्सी, चावल का मांड, नींबू पानी, छाछ आदि पीएं। खासतौर से दोपहर 12 से सायं चार बजे के बीच धूप में सीधे न जाएं। यदि बच्चे को चक्कर आए, उल्टी, घबराहट अथवा तेज सिरदर्द, सीने में दर्द या सांस लेने में कठिनाई हो तो चिकित्सक को दिखाएं।