नए सत्र में कॉलेज व यूनिवर्सिटी में एडमिशन लेने वाले विद्यार्थियों के लिए अच्छी खबर है। अब उन्हें विदेशों की तर्ज पर शिक्षा मुहैया करवाई जाएगी। यानी अब कॉलेज व यूनिवर्सिटी प्रशासन द्वारा विद्यार्थियों पर परंपरागत (बीए, बीकॉम, बीएससी) विषयों के पेपर्स नहीं थोपे जाएंगे।
खास बात यह है कि विद्यार्थी ने भले ही किसी भी स्ट्रीम (आर्ट, कॉमर्स, साइंस) से 12वीं पास की है, अब वह अपनी पसंद के सब्जेक्ट की पढ़ाई कर सकेगा। यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (यूजीसी) ने सभी कालेजों तथा विश्वविद्यालयों को नए शैक्षणिक सत्र में च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम लागू करने के निर्देश दिए हैं। योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने इस एजेंडे को अकादमिक काउंसिल में पास कर दिया है।
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय मेें तथा उसके तहत आने वाले 467 कॉलेजों में पहली जुलाई से दाखिला प्रक्रिया शुरू हो जाएगी जो 15 जुलाई तक चलेगी। 12वीं पास करने के बाद बीए, बीकॉम, बीएससी के अलावा अन्य कोर्सों में दाखिला लेने वाले विद्यार्थी फिलहाल अपने कोर्स से संबंधित विषयों की पढ़ाई कर पाते थे।
अक्सर देखा जाता था कि 12वीं के बाद अगर किसी विद्यार्थी का गणित या फिर फिजिक्स के अलावा अन्य किसी विषय से मोह भंग हो जाता था, तो उसे अपनी स्ट्रीम चेंज (आर्ट या कॉमर्स में दाखिला लेना पड़ता था) करने के लिए लिए मजबूर होना पड़ता था। या फिर परिजनों के दबाव की वजह से उसे मन मारकर विषय पढ़ने के लिए मजबूर होना पड़ता था लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।
विद्यार्थी अब केमिस्ट्री के साथ म्यूजिक या फिर अकाउंट की पढ़ाई कर सकेंगे। यानी अब कॉलेज गोइंग स्टूडेंट्स नए सत्र में किसी भी स्ट्रीम का कोई भी विषय पढ़ सकेंगे।
विदेशों की तर्ज पर मिलेगी शिक्षा : शिक्षाविदों के मुताबिक विदेशों में च्वाइस बेस्ड क्रेडिट बहुत पहले से लागू है। वहां पर विद्यार्थियों की स्किल्स डेवलप करने के लिहाज से उन्हें उनकी पसंद के विषय पढ़ाए जाते हैं। खास बात यह है कि विद्यार्थियों के लिए किसी भी इंस्टीट्यूट में ट्रांसफर लेना आसान होता है। कॉलेजों को जहां नए कोर्स लागू करने होंगे, वहीं यूनिवर्सिटी को लैब वर्क, असाइनमेंट्स, सेल्फ स्टडी, प्रोजेक्ट वर्क भी शामिल करने होंगे।
यह होंगे विषय चुनने के मानक : च्वाइस बेस्ड सिस्टम के तहत विद्यार्थी एक स्ट्रीम में दाखिला लेने के साथ दूसरी स्ट्रीम के विषयों की भी पढ़ाई कर सकेंगे। इस सिस्टम के तहत विद्यार्थी को अधिकतम दो विषयों को चुनने का अवसर मिलेगा। विद्यार्थी ने जिस दूसरी स्ट्रीम के विषयों का चयन किया है, वे उसकी क्लास भी अटेंड कर सकेंगे। नॉन टेक्निकल कोर्स में साइंस के स्टूडेंट्स अब आर्ट या फिर कॉमर्स के विषय भी पढ़ सकेंगे।
अब विद्यार्थियोें को मिलेेंगे ग्रेड
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय द्वारा जारी मार्कशीट में फिलहाल विद्यार्थियों को नंबर दिए जाते हैं लेकिन च्वाइस बेस्ड सिस्टम लागू होने के बाद विद्यार्थियों को नंबर के बजाय ग्रेड प्रदान किए जाएंगे। कुवि के अधिकारियों के मुताबिक आउटस्टेंडिंग को 10, एक्सीलेंट को 09, वेरी गुड को 08, गुड को 07, अबव ऐवरेज को 06, ऐवरेज को 05, पास को 04, फेल तथा अबसेंट को 00 प्रदान किया जाएगा।
कुवि के तहत आने वाले कॉलेजों में करीब पांच लाख विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण करते हैं। एक दम से सिस्टम को लागू करना संभव नहीं है। नए सत्र में ट्रायल बेस पर उपरोक्त सिस्टम को लागू किया जाएगा।
डीडीएस संधू, वाइस चांसलर, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय।