संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। हरियाणा बोर्ड की ओर से विद्यार्थियों को अंक सुधार के लिए दो बार मौका दिया जाएगा। बोर्ड ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत परीक्षा प्रणाली में बदलाव किया। यह राहत हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के माध्यमिक और वरिष्ठ माध्यमिक के दोनों विद्यार्थियों को मिलेगी। इससे हरियाणा बोर्ड के विद्यार्थियों के प्रदर्शन में सुधार होगा और अंक बढ़ेंगे।
बोर्ड का यह निर्णय का शैक्षणिक सत्र 2025-26 के विद्यार्थियों को इसका लाभ मिलेगा। हरियाणा बोर्ड की 12वीं की वार्षिक परीक्षा 25 फरवरी से शुरू हो रही हैं, जबकि दसवीं की परीक्षा 26 फरवरी से होंगी। बोर्ड के निर्णय के अनुसार पहली परीक्षा के परिणाम घोषित होने के बाद विद्यार्थियों को जुलाई में दूसरी वार्षिक परीक्षा के रूप में अंक सुधार का मौका दिया जाएगा।
यदि कोई विद्यार्थी पहली बार किसी विषय की प्रैक्टिकल परीक्षा में शामिल नहीं हो पाया, तो वह दूसरी परीक्षा में प्रैक्टिकल दे सकेगा। यही नहीं, यदि कोई विद्यार्थी पहली परीक्षा में लिखित और प्रैक्टिकल दोनों में अनुपस्थित रहता है, तो दूसरी बार में उसे दोनों परीक्षाएं देनी होगी। बोर्ड निर्णय के अनुसार पहली परीक्षा में अतिरिक्त विषय लेने वाले विद्यार्थी दूसरी बार में अधिकतम तीन विषय में ही शामिल होंगे।
वहीं, जिन विद्यार्थियों ने पहली परीक्षा में अतिरिक्त विषय नहीं लिया, वे दूसरी बार में भी अतिरिक्त विषय नहीं ले पाएंगे। वहीं, यह दूसरी परीक्षा केवल संस्थागत विद्यार्थियों के लिए होगी। पहली वार्षिक परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थी ही इस अवसर के पात्र होंगे। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि पहली परीक्षा के बाद पुन: जांच, पुनर्मूल्यांकन और उत्तर पुस्तिका की कॉपी की सुविधा पूर्व की तरह रहेगी। दूसरी बार में यह सुविधा केवल उन विषयों की होगी, जिनकी परीक्षा दी गई है। अन्य विषयों का इसमें कोई लाभ नहीं मिलेगा।
बोर्ड के इस निर्णय से विद्यार्थियों को काफी लाभ होगा। चूंकि इसमें बोर्ड की ओर से अधिकतम अंक ही परिणाम में जोड़ेंगे। यदि किसी विद्यार्थी का पहली परीक्षा में प्रदर्शन बेहतर है और दूसरी परीक्षा में कोई कमी रह जाती है तो विद्यार्थी के अंक नहीं कटेंगे। पहली व दूसरी परीक्षा में जो अधिकतम अंक होंगे वही अंतिम परिणाम में जोड़े जाएंगे। इससे विद्यार्थियों को काफी लाभ होगा।
यूएमसी वालों को नहीं मिलेगा लाभ
बोर्ड की इस सुविधा का लाभ नकल मामले में पकड़े गए विद्यार्थियों को नहीं मिलेगा। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि जिन विद्यार्थियों पर पहली परीक्षा में यूएमसी यानी नकल का केस बना होगा वह दूसरी परीक्षा में शामिल नहीं हो सकेगा। वहीं, जिन विद्यार्थियों की किसी कारण परीक्षा रद्द हो जाती है तो वे इस सुविधा के लाभार्थी होंगे। इसके अलावा पहली परीक्षा में अनुत्तीर्ण, कंपार्टमेंट आने या अंकों से संतुष्ट न होने वाले विद्यार्थी एक से तीन विषय में दोबारा परीक्षा दे सकेंगे। परंतु यह मौका तभी मिलेगा, यदि ऐसे विद्यार्थियों ने पहली परीक्षा में एक मुख्य विषय पास किया हो। इस दौरान विद्यार्थी विषय नहीं बदल पाएंगे, वे केवल पहली बार की परीक्षा में शामिल विषय ही शामिल कर सकेंगे।
बोर्ड ने वार्षिक परीक्षा के संबंध में बदलाव किया है। इसके तहत विद्यार्थियों को अंक सुधार का दोबारा मौका मिलेगा। इससे विद्यार्थियों के वार्षिक परिणाम में काफी सुधार होगा और अंक भी बढ़ेंगे। - केएस संधावा, उपजिला शिक्षा अधिकारी।