संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। राजकीय विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को जीवन कौशल का प्रशिक्षण देने के लिए पांच दिवसीय शिविर की सोमवार से शुरुआत हो गई। पहले दिन विद्यार्थियों को घर के विभिन्न काम करने के अलावा चोट लगने, इसके उपचार इत्यादि की जानकारी दी गई। इस दौरान विद्यार्थियों को रसोई में रोजमर्रार प्रयोग किए जाने वस्तुओं के औषधीय गुणों व उसके उपयोग के बारे जानकारी दी।
शिविर में छठी से 12वीं के विद्यार्थियों को शामिल किया गया है। इसमें विद्यार्थियों को विभिन्न जीवन कौशल के गुर सिखाए जा रहे हैं। यह शिविर जिले के 12 विद्यालयों में लगाया जा रहा है। पहले दिन विद्यार्थियों को सर्दी से बचाव के तरीकों के बारे बताया। उन्हें सर्दी में खान-पान, पौष्टिक आहार की पहचान का प्रशिक्षण दिया गया है। इसके अलावा घर पर सामान्य चोट लगने, मोच आने इत्यादि पर घरेलु उपचार के बारे में बताया।
वहीं विद्यार्थियों को घरों की सुंदरता बढ़ाने वाले खुशबूदार फूल, सजावटी पौधे की जानकारी दी और इसकी जैविक पौध तैयार करने की विधि बताए। विशेषज्ञों ने छात्राओं को एनीमिया, मासिक धर्म इत्यादि में सावधानियों के प्रति जागरूक किया। इसके अलावा विद्यार्थियों को दैनिक जीवन में विभिन्न तरीकों से उपयोग की जा रही प्लास्टिक का विकल्प व इसके पुन: उपयोग व अन्य वस्तुओं में इस्तेमाल करने को लेकर चर्चा की।
प्लास्टिक का उपयोग रोकने और उसके विकल्प के बारे में विद्यार्थियों के सुझाव लिए गए। जिला शिक्षा परियोजना के सह-समन्वयक डॉ. धर्मवीर सिंह ने बताया कि परिषद के निर्देशों पर शिविर की शुरुआत कर दी गई है। इसका समापन नौ जनवरी को होगा। हर दिन अलग अलग गतिविधियां करवाई जाएंगी। इस कार्यक्रम की जिलास्तर पर निगरानी की जा रही है।