संवाद न्यूज एजेंसी
छछरौली। राजकीय महाविद्यालय छछरौली में दहेज निषेध, बाल विवाह उन्मूलन व पोषण पखवाड़ा विषय पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को सामाजिक कुरीतियों और स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण मुद्दों के प्रति जागरूक करना रहा।
कार्यक्रम प्राचार्य डॉ. सुनील तनेजा के नेतृत्व और प्रो. रजनी गोयल की देखरेख में हुआ। मुख्य वक्ता सीडीपीओ कुसुम लता ने दहेज प्रथा और बाल विवाह के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने दहेज निषेध अधिनियम और बाल विवाह से संबंधित कानूनों के बारे में बताया। विद्यार्थियों को इन सामाजिक बुराइयों के खिलाफ जागरूक रहने और समाज में जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया।
पोषण पखवाड़ा के तहत उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चों के लिए संतुलित आहार अत्यंत आवश्यक है। वहीं, बाल विवाह स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डालती है, जिससे कुपोषण, शारीरिक व मानसिक विकास में बाधा उत्पन्न होती है। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों विषयों से संबंधित प्रश्न पूछे। कार्यक्रम में वाईआरसी, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ क्लब, एनएसएस, एनसीसी एवं महिला प्रकोष्ठ की भागीदारी रही। इस दौरान प्रो. मीनू, प्रो. दीपिका, प्रो. राजवीर, प्रो. ललित कुमार, डॉ. कोमल, डॉ. भावना शर्मा सहित अन्य उपस्थित रहे।