74वें गणतंत्र दिवस समारोह के आयोजन से पूर्व फाइनल ड्रेस रिहर्सल में अव्यवस्थाओं का आलम रहा। फुल ड्रेस रिहर्सल में अधिकतर स्कूल के छात्र स्कूल की यूनिफार्म में रिहर्सल कर खानापूर्ति करते नजर आए। सर्दी में बच्चों के बैठने को लेकर किसी ने गंभीरता नहीं दिखाई। गणतंत्र दिवस समारोह में भाग लेने वाले व सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले सभी छात्र सुबह नौ बजे राजकीय आदर्श संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल के प्रांगण में पहुंच गए थे, लेकिन उनके बैठने की कोई व्यवस्था नहीं थी। मंगलवार तड़के हुई बारिश के कारण मैदान गीला था। बच्चों के बैठने के लिए टाट व पट्टी की व्यवस्था न होने के कारण अधिकतर स्कूलों के छात्र ठंड में जमीन पर बैठे रहे व कुछ छात्र खड़े रहे। कार्यक्रम खत्म होने तक अधिकतर छात्र ऐसे ही बैठे रहे। जबकि रिहर्सल के लिए भी कुछ दरी ही बिठाई गई थी। अधिकतर स्कूल के छात्र अपनी स्कूल की ड्रेस में ही रिहर्सल करते नजर आए। बच्चों की यह मनोदशा सभी प्रशासनिक अधिकारी मंच पर कुर्सियों पर बैठे देखते रहे। किसी भी प्रशासनिक अधिकारी ने बच्चों की ओर ध्यान नहीं दिया। सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने आए स्कूल संचालकों का कहना है कि फाइनल रिहर्सल में गणतंत्र दिवस समारोह की तरह की सुविधाएं उपलब्ध होनी चाहिए।