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Yamuna Nagar News: बसों की कमी के कारण जान जोखिम में डाल रहे विद्यार्थी

Sun, 19 Apr 2026 01:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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भाई कन्हैया साहिब चौक के पास भीड़ होने से बस के पायदान पर सवार होकर जाते विद्यार्थी। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। रोडवेज बसों की कमी का खामियाजा देहात क्षेत्रों सेके विद्यार्थियों और आम यात्रियों को रोजाना भुगतना पड़ रहा है। सुबह होते ही गांवों के बस स्टॉप और शेल्टर यात्रियों से भर जाते हैं, जहां लोगों को बसों का काफी देर इंतजार करन पड़ता है। हालत यह है कि एक-एक घंटे तक बस नहीं आती, जिससे विद्यार्थियों को स्कूल-कॉलेज पहुंचने में देरी हो जाती है।



प्रतापनगर में हुए बस हादसे के बाद कुछ समय के लिए रोडवेज विभाग ने बसों के फेरे बढ़ाए थे, लेकिन अब फिर से वही हालात बनते दिखाई दे रहे हैं। खासकर देहात क्षेत्रों में बसों की भारी कमी देखने को मिल रही है। रोजाना काफी संख्या में विद्यार्थी गांवों से शहर की ओर पढ़ाई के लिए आते हैं, लेकिन पर्याप्त बसें न होने के कारण उन्हें बसों के पायदान, दरवाजों और यहां तक कि छत पर बैठकर सफर करना पड़ रहा है। ऐसे में उनकी जान हमेशा जोखिम में बनी रहती है।
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बस स्टैंड जगाधरी में भी हालात अलग नहीं हैं। यहां यात्रियों की भीड़ इतनी अधिक होती है कि बसों की खिड़कियों तक पर लोग लटक कर सफर करने को मजबूर हो जाते हैं। शाम काे स्थिति और गंभीर हो जाती है, जब कम बसों और देरी से संचालन के कारण भीड़ बेकाबू हो जाती है।



यही नहीं चौक-चौराहों पर तैनात होमगार्ड और पुलिसकर्मी इस स्थिति को देखते हुए भी अनदेखा कर देते हैं। एक ओर बाइक पर तीन सवारी करने वालों पर कार्रवाई होती है, वहीं दूसरी ओर 52 सीटर बसों में 100 से अधिक यात्रियों को ठूंस-ठूंस कर भरा जाता है, लेकिन इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता। बसों में अत्यधिक भीड़ के चलते कई यात्री टिकट भी नहीं ले पाते और बाद में टिकट चेकिंग के दौरान पकड़े जाते हैं। इससे यात्रियों को जुर्माना भी भरना पड़ता है।
लोगों का कहना है कि रोडवेज बड़े-बड़े वादे तो करता है, लेकिन जमीनी स्तर पर सुधार नजर नहीं आता। मानकपुर के मनीष, शुभम, संदीप और राहुल, पिरथीपुर के जग्गी, काट्टरवाली के मो. समीम, इंतजार और मुकेश, ललहाड़ी के धर्मवीर व माजरा के रमेश ने बताया कि बसों की कमी से उन्हें रोज परेशानी झेलनी पड़ रही है। कई बार एक घंटे से अधिक समय तक इंतजार करना पड़ता है, जिससे समय पर स्कूल-कॉलेज पहुंचना मुश्किल हो जाता है।


प्रतापनगर के गांव चुहड़पुर के विद्यार्थियों का कहना है कि बसों की कमी के कारण उन्होंने जाम लगाया गया था। कुछ समय तक ठीक रहा फिर वहीं समस्या उत्पन्न हो गई। प्रतापनगर की किरण, छात्रा शाहिन का कहना है प्रतिदिन आना जाना है बस स्टैंड पर घंटों खड़े रहना पड़ता है।
रोजाना छछरौली बस स्टैंड पर काफी देर खड़े होकर बस का इंतजार करना पड़ रहा है और कई बार ताे लिफ्ट लेकर घर जा रहे है, जिससे घर पहुंचने पर परिजनों की सुननी पड़ती है। रोडवेज बसों की देहात क्षेत्रों में कमी की जानकारी के लिए रोडवेज जीएम संजय रावल को कई बार फोन कर जानकारी लेने का प्रयास किया गया लेकिन जीएम ने फोन व व्हाटसअप मैसेज का जवाब नहीं दिया।
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रोडवेज के बेड़े की 140 बसें रूटों पर
यमुनानगर रोडवेज बस स्टैंड में वर्तमान में लगभग 160 बसें हैं, जिनमें से करीब 140 बसें विभिन्न रूटों पर चल रही हैं। वहीं, 20 बसें मरम्मत के कारण खड़ी रहती हैं। विभागीय मानकों के अनुसार डिपो में करीब 265 बसें होनी चाहिए, ताकि नौकरीपेशा लोगों और विद्यार्थियों को बेहतर सुविधा मिल सके। बसों की कमी से यात्रियों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

भाई कन्हैया साहिब चौक के पास भीड़ होने से बस के पायदान पर सवार होकर जाते विद्यार्थी। संवाद

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