जगाधरी। विद्यार्थी शिक्षा विभाग की ओर से उपलब्ध करवाए टैबलेट के सॉफ्टवेयर को बाजार में मात्र 300 रुपये तुड़वा रहे। अध्यापकों ने इस बारे में जब विद्यार्थियों से बात की तो उन्होंने बताया कि अपने इस्तेमाल के लिए उन्होंने ऐसा किया है। इस दौरान विद्यार्थियों ने अपने घर के आसपास मोबाइल की मरम्मत करने वाले दुकानदारों के बारे में भी बताया। विद्यार्थियों ने बताया कि मोबाइल मैकेनिक ने दो घंटे में ही सॉफ्टवेयर तोड़कर अन्य एप्लीकेशन इंस्टॉल कर दी।
मोबाइल इंजीनियर एवं शॉप संचालक रोहित कुमार ने बताया कि टैबलेट के संबंध में किसी प्रकार की कोई गाइडलाइन नहीं है। न ही वे किसी को कोई आपत्तिजनक व अन्य अलग कंटेंट से संबंधी सामग्री अपलोड व डाउनलोड करके देते हैं। ऐसे कई मोबाइल, टैबलेट है जिसमें कुछ एप्लीकेशन चलाने के लिए स्पेशल उसी कंपनी का सॉफ्टवेयर खरीदना पड़ता है। ऐसे में लोग स्वयं इसके सॉफ्टवेयर तुड़वा लेते हैं, ताकि हजारों रुपये बच जाए। इस मामले में भी ऐसी ही हुआ है।
यू-ट्यूब पर उपलब्ध है तमाम वीडियो
शिक्षा विभाग के टैबलेट में ओएस-11 व 12 सिक्योरिटी सॉफ्टवेयर है। सैमसंग कंपनी का दावा था कि यह सॉफ्टवेयर तोड़ा नहीं जा सकता है लेकिन यृ-ट्यूब पर इससे संबंधित तमाम वीडियो उपलब्ध हैं। इन वीडियो में ओएस-11 व 12 साॅफ्टवेयर तोड़ने के तरीके बताए गए हैं। कई वीडियो में यह सॉफ्टवेयर तोड़ने के लिए मात्र 20 मिनट की क्लास में एक्सपर्ट बनाने का भी दावा किया जा रहा है। सॉफ्टवेयर इंजीनियर सुशील कुमार ने बताया कि वीडियो में सॉफ्टवेयर तोड़ने की जानकारी दी गई है। इसके निर्देश का पालन करके सॉफ्टवेयर अनलॉक कर सकते हैं।
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वर्जन
विद्यार्थियों से मिली जानकारी के अनुसार अधिकांश ने सॉफ्टवेयर मैकेनिक से तुड़वाया है। इसके लिए 200 से 300 रुपये विद्यार्थियों ने दिए हैं। जिन विद्यार्थियों के बड़े भाई सॉफ्टवेयर इंजीनियर या इससे संबंधी पढ़ाई कर रहे हैं, उन्होंने इसे स्वयं कर लिया। इसके अलावा यू-ट्यूब पर भी वीडियो देखकर विद्यार्थी ने इसे सीख लिया है।
कर्णवीर सिंह राठी, जिला गणित विशेषज्ञ।