संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। राजकीय प्राथमिक पाठशाला शाहपुर जटान में पहली से पांचवीं कक्षा तक 30 बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। जिस कमरे में बैठकर बच्चे पढ़ाई करते हैं मार्च महीने में ही उसकी छत से प्लास्टर के बड़े-बड़े टुकड़े गिर गए थे। गनीमत यह रही थी कि जब छत से प्लास्टर गिरा था तो वहां बच्चे नहीं थे।
हालांकि स्कूल इंचार्ज पूनम अत्री ने छत की मरम्मत करवा दी थी। परंतु खतरा अभी टला नहीं है। छत से बारिश के पानी का रिसाव हो रहा है। छत में पानी से सीलन आई हुई है। सीलन से छत कमजोर होने लगती है। इससे अभिभावक अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर हर वक्त चिंतित रहते हैं।
इस राजकीय पाठशाला के कमरों का निर्माण वर्ष 2006 में हुआ था। स्कूल में तीन कमरे हैं। स्कूल में इंचार्ज समेत कुल दो शिक्षक कार्यरत हैं। हालांकि स्कूल का भवन इतना पुराना नहीं है फिर भी इसी साल मार्च माह में कमरे की छत से प्लास्टर गिर गया था। वह भी एक या दो नहीं बल्कि कई जगह से गिरा था।
प्लास्टर गिरने के बाद यहां कार्यरत शिक्षक भी घबरा गए थे। उन्हें बच्चों की सुरक्षा की चिंता सताने लगी थी। मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में भी लाया गया। इसके बाद स्कूल इंचार्ज ने छत की मरम्मत करवा दी। एसएमसी प्रधान सपना देवी ने बताया कि इस स्कूल का भवन ज्यादा पुराना भी नहीं है। छत का प्लास्टर गिरना सवालिया निशान लगाता है। इससे कई साल पुराने भवन आज भी पूरी तरह से ठीक हैं।
पहले स्कूल में बहुत बड़ी-बड़ी घास खड़ी थी, जिसे मेरे पति ने खुद ट्रैक्टर चलाकर नष्ट किया था। स्कूल में दो शिक्षक हैं, जिनके काम से पूरा गांव खुश है। जिस जगह पर बच्चे पानी पीते हैं वहां पर नाली बनवाने की जरूरत है ताकि पानी का रिसाव दीवारों में न हो। स्कूल में दो नए शौचालय बनाने व चहारदीवारी को बनाने की मांग की है।
एक साल से टूटी पड़ी चहारदीवारी
स्कूल की चहारदीवारी भी एक तरफ से टूटी पड़ी है। इसे टूटे हुए एक साल बीत चुका है। जहां से दीवार टूटी है उसके पास तालाब है। गत वर्ष बारिश का पानी ज्यादा आने से दीवार के पास से मिट्टी बह गई और दीवार ढह गई। शिक्षा विभाग के अधिकारियों के संज्ञान में मामला है, इसके बावजूद अधिकारियों ने इसे ठीक कराने की जहमत नहीं उठाई।
जिन स्कूलों में मरम्मत कार्य या फिर चहारदीवारी टूटी पड़ी है, उसके लिए सभी बीईओ के माध्यम से रिपोर्ट मांगी है। अगले माह मरम्मत कार्यों के लिए पैसा आने वाला है। पैसा आते ही स्कूल में मरम्मत कार्य करवा दिया जाएगा। - धर्मेंद्र चौधरी, जिला शिक्षा अधिकारी, यमुनानगर।